दिले राम सेन । कोरबा। सक्षम (समदृष्टि क्षमता एवं अनुसंधान मंडल) जिला इकाई कोरबा द्वारा जिले के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया गया है। संगठन द्वारा दिनांक 15 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्टर, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए विद्यार्थियों के लिए नियमित चिकित्सा जांच एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर आयोजित किए जाने की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि कोरबा जिला आदिवासी एवं वन बहुल क्षेत्र है, जहां दूरस्थ अंचलों में निवासरत परिवारों को मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं। आर्थिक व भौगोलिक कारणों से अभिभावक अपने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने में असमर्थ रहते हैं। ऐसे में विद्यालय स्तर पर नियमित चिकित्सा एवं रक्त जांच अत्यंत आवश्यक है।
सक्षम जिला इकाई ने विशेष रूप से सिकलसेल, हीमोफीलिया एवं थैलेसीमिया जैसी गंभीर रक्त विकारों की समय रहते जांच कराने की आवश्यकता बताई, ताकि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में ही उचित उपचार, पोषण एवं जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके।
संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि जिले के अनेक विद्यालयों में विद्यार्थियों में कमजोरी, चक्कर आना, आंखों से पानी आना एवं धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में बच्चों के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच तथा नेत्र परीक्षण अनिवार्य है, जिससे उन्हें उचित चिकित्सकीय सलाह, उपचार एवं नेत्र रोगों से बचाव के उपाय बताए जा सकें।
कोरबा जिले को माइनिंग प्रधान एवं वनाच्छादित क्षेत्र बताते हुए सक्षम ने कहा कि दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग बच्चों को रक्त समूह जांच एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने मांग की है कि तहसील या विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित कर दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनाए जाएं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के दिव्यांगजन एवं बच्चे लाभान्वित हो सकें।
साथ ही यह भी बताया गया कि विद्यालयों के कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक रिकॉर्ड में ब्लड ग्रुप की अनिवार्यता होती है, किंतु अधिकांश विद्यार्थियों का ब्लड ग्रुप जांच न होने के कारण यह कॉलम रिक्त रह जाता है। ऐसे में जिले के समस्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का ब्लड ग्रुप परीक्षण कराया जाना न केवल शालेय रिकॉर्ड के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सकीय परिस्थितियों में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
सक्षम जिला इकाई कोरबा ने प्रशासन से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।



