महेश्वर जायसवाल। कटगी/कसडोल: आदर्श ग्राम पंचायत कटगी में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। महामाया मंदिर के समीप स्थित लक्ष्मण प्रसाद साहू के निज निवास पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में न केवल स्थानीय ग्रामीण, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान जी की भक्ति में सराबोर होने पहुँचे।

हनुमान चालीसा की दिव्य व्याख्या और आचार्य पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य देवेंद्र कुमार शर्मा (खरौद) द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात, कोटियाडीह से पधारे देव गुरूजी ने हनुमान चालीसा की दिव्य और सरल व्याख्या की। उन्होंने अपने प्रवचनों के माध्यम से संकटमोचन हनुमान के जीवन दर्शन और उनकी भक्ति की महिमा पर प्रकाश डाला, जिसे श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध होकर सुना।
भजन संध्या: सुरों की सरिता में झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम में विश्वकर्मा संगीत पार्टी (खपरीडीह) के कलाकारों ने समां बांध दिया।
- कलाकार: रामनाथ विश्वकर्मा, अनुराग दास महंत, दरशराम कर्ष, मदनलाल, पुष्कर लहरे और लीलाराम विश्वकर्मा की टीम ने शानदार वादन और गायन की प्रस्तुति दी।
- विशेष आकर्षण: गायिका प्रेमलता कर्ष के मधुर भजनों ने उपस्थित जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के जयकारों से गूंज उठा।
प्रमुख जनों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर कटगी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
सुरेश कुमार शर्मा, गनपत लाल देवांगन, छोटेलाल प्रजापति, अशोक देवांगन, टिकेश्वर मानिकपुरी, सेल्समैन गुडूभाई, नन्दलाल साहू, अभिराम साहू, मंगल साहू, दुकालू साहू, राधेलाल साहू (हसुवा), हरिशंकर पटेल (बरेली), रामगोपाल साहू, गनेशराम साहू (कोटियाडीह), मोतीलाल (मड़वा), बंशीलाल वर्मा (सेल) और लोकेश साहू शामिल थे।
आयोजक परिवार की सक्रियता
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में साहू परिवार का विशेष योगदान रहा। लक्ष्मण प्रसाद साहू के साथ महेश्वरी साहू, नागेश, ओंकारेश्वर, शिवरत्न, प्रभा और विद्या साहू ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। वहीं, देव गुरूजी (कोटियाडीह) भी अपने पूरे परिवार—पत्नी रामबाई साहू, पुत्र रमेश, प्रकाश, अखिलेश और पुत्रवधु सुनीता, ललिता व शशीलता के साथ शामिल हुए।
समय: हनुमान चालीसा की आरती के पश्चात दोपहर 3:00 बजे से शुरू हुई यह कथा एवं भजन संध्या शाम 7:00 बजे तक अनवरत चलती रही, जिसके बाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



