दिले राम सेन। बलौदा बाजार। स्वर्गीय श्री सोनचंद्र वर्मा फाउंडेशन के तत्वाधान में नगर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस मानस विदुषी दीदी देवी श्री चंद्रकला जी ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण श्रीमुख से श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की अनुपम महिमा का वर्णन किया तथा गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन से जुड़ी पावन स्मृतियों को अत्यंत जीवंत रूप में श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया।

मानस विदुषी दीदी श्री चंद्रकला जी ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस प्रकार गोस्वामी तुलसीदास जी ने जीवन की विपरीत परिस्थितियों में भी प्रभु श्रीराम की भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा, उसी प्रकार प्रत्येक मनुष्य को भी धैर्य, विश्वास और भक्ति के पथ पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि श्रीरामचरितमानस केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को मर्यादा, प्रेम और सदाचार की दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है।
कथा के दौरान भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर प्रवचन का श्रवण करते नजर आए। मानस कथा की अमृतवर्षा से पूरा दशहरा मैदान भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया और “सिया-राम” के जयकारों से गूंज उठा। प्रथम दिवस की कथा ने श्रोताओं के मन में भक्ति, श्रद्धा और राम नाम के प्रति अटूट आस्था का संचार किया।
सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के आगामी दिनों में भी धर्म, भक्ति और संस्कार से ओतप्रोत प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।



