Homeword pressबलौदाबाजार-भाटापारा 'जल अभाव ग्रस्त' घोषित: 30 जून तक नए बोरवेल खनन पर...

बलौदाबाजार-भाटापारा ‘जल अभाव ग्रस्त’ घोषित: 30 जून तक नए बोरवेल खनन पर लगा कड़ा प्रतिबंध

महेश्वर जायसवाल।बलौदाबाजार | 1 अप्रैल 2026 भीषण गर्मी की आहट और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुलदीप शर्मा ने जिले में पेयजल संकट को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा को ‘जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।

​यह आदेश आज यानी 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है, जो 30 जून 2026 तक लागू रहेगा।

प्रमुख पाबंदियां और नियम

​प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का नलकूप (बोरवेल) खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा:

  • अनुमति अनिवार्य: घरेलू या व्यावसायिक उपयोग के लिए नया बोरवेल कराने से पहले संबंधित क्षेत्र के एसडीएम (प्राधिकृत अधिकारी) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
  • पंजीकृत एजेंसी ही करेगी काम: बोरवेल खनन या मरम्मत का कार्य केवल उन्हीं एजेंसियों द्वारा किया जा सकेगा जो शासन के पास पंजीकृत हैं।
  • सरकारी छूट: केवल शासकीय, अर्धशासकीय और नगरीय निकायों को अपने अधिकार क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु नए बोरवेल के लिए अनुमति से छूट दी गई है, हालांकि उन्हें भी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।

उल्लंघन पर होगी जेल और जुर्माना

​प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना अनुमति के नलकूप खनन करते हुए पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम की धारा 3 और 4 के उल्लंघन पर:

  1. कारावास (जेल) की सजा हो सकती है।
  2. ​भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
  3. ​अथवा जेल और जुर्माना दोनों से दंडित किया जा सकता है।

कैसे मिलेगी अनुमति?

​कलेक्टर ने आम जनता की सुविधा के लिए सभी राजस्व अनुभाग के SDM को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। अनुमति की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:

  • ​आवेदक को संबंधित एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा।
  • ​एसडीएम द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नगरीय निकाय, तहसीलदार या नायब तहसीलदार से रिपोर्ट मंगवाई जाएगी।
  • रिपोर्ट में आवश्यकता जायज पाए जाने पर ही नियमानुसार अनुमति प्रदान की जाएगी।

कलेक्टर का संदेश: “आगामी ग्रीष्म ऋतु में आम जनमानस को पीने के पानी की किल्लत न हो, इसलिए जल संरक्षण और भू-जल स्तर को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।”

RELATED ARTICLES
Jharkhand
broken clouds
34 ° C
34 °
34 °
35 %
2.7kmh
83 %
Fri
33 °
Sat
41 °
Sun
44 °
Mon
44 °
Tue
44 °

Most Popular