दिले राम सेन।कसडोल (बलौदाबाजार)।बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुराना खर्वे में कथित रूप से नशीले पदार्थ मिश्रित जहरीली शराब के सेवन से आठ लोगों की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने कसडोल थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने की मांग की है।

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले पर थाना प्रभारी कसडोल का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) कसडोल द्वारा इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
एक ही गांव के 8 लोगों की मौत, नाम आए सामने
ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, जान गंवाने वाले सभी व्यक्ति एक ही गांव के रहने वाले थे। मृतकों की सूची इस प्रकार है:
- बद्री पटेल
- बुठालू साहू
- छत्तुराम साहू
- बुदलू जायसवाल
- विनोद साहू
- गजानंद माझी
- चैतू साहू
- महेतरु साहू
गांव के ही व्यक्ति पर शराब में जहर मिलाने का आरोप
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर गांव के ही एक निवासी रामसाय जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, रामसाय द्वारा शराब में कोई अज्ञात और अत्यधिक घातक नशीला/जहरीला पदार्थ मिलाकर इन लोगों को पिलाया गया था। शराब पीने के कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। ग्रामीणों का दावा है कि वह संदिग्ध पदार्थ इतना जानलेवा था कि प्रभावित व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने तक का समय नहीं मिला और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
उल्टी होने से बची एक ग्रामीण की जान
आवेदन में इस बात का भी विशेष उल्लेख है कि गांव के ही कार्तिक कुम्हार नामक व्यक्ति को भी वही संदिग्ध शराब पिलाई गई थी। लेकिन सौभाग्यवश, शराब पीने के तुरंत बाद उसे उल्टी हो गई, जिससे नशीले पदार्थ का असर उसके शरीर में नहीं फैल पाया और उसकी जान बच गई। कार्तिक इस पूरे मामले में पुलिस जांच के लिए एक अहम गवाह साबित हो सकता है।
गांव में दहशत और आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
इस सामूहिक मौत की घटना के बाद से पुराना खर्वे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं दूसरी ओर लोगों में भारी गुस्सा भी है। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में मांग की है कि दोषियों पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद है। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) की अगुवाई में चल रही इस जांच के बाद ही मौतों के सही कारणों और शराब में मिलाए गए रासायनिक पदार्थ का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कर घटना का सच सामने लाएगा।



