दिले राम सेन। कसडोल। नगर पंचायत कसडोल में 14 अप्रैल को सेन समाज के आराध्य कुलगुरु संत शिरोमणि सेन नंदा जी महाराज की 726वीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के लोगों में भारी उत्साह देखा गया और विविध धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठानों के माध्यम से एकता का संदेश दिया गया।

भक्तिमय वातावरण में हुआ पूजन-अर्चन
कार्यक्रम की शुरुआत कुलगुरु सेन नंदा जी महाराज के तैलचित्र पर चंदन, गुलाल लगाकर और माल्यार्पण के साथ हुई। समाज के वरिष्ठों और युवाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने आराध्य के चरणों में नमन किया और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
गौरवशाली इतिहास का हुआ बखान
आयोजन के दौरान सर्व नाई समाज (जनपद क्षेत्र कसडोल) के सचिव मुरीत श्रीवास ने समाज के गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:
”नाई समाज का इतिहास वीरता और सेवा का संगम है। सम्राट अशोक से लेकर महाराजा पद्मानंद तक और सुसेन वैद्य से लेकर जननायक कर्पूरी ठाकुर व भिखारी ठाकुर जैसे महान विभूतियों ने न केवल समाज को बल्कि पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। हमें अपनी इस समृद्ध विरासत को सहेजने और उनके पदचिन्हों पर चलने की आवश्यकता है।”
प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में सामाजिक एकजुटता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
- मुरीत श्रीवास (सचिव, कसडोल परिक्षेत्र)
- शिवकुमार श्रीवास (प्रवक्ता)
- संतोष सेन (समाजसेवक)
- राजू सेन, चुटु सेन एवं अन्य गणमान्य नागरिक।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन और नगरवासी शामिल हुए। वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।



