दिले राम सेन।रायपुर: ‘समय बदल रहा है और इस बदलते समय के साथ हमें अपनी रूढ़िवादी सोच को भी बदलना होगा।’ यह सशक्त संदेश छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने देवेंद्र नगर स्थित बाला जी स्कूल में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान दिया।

यूनिसेफ (UNICEF) और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्कशॉप (11-12 मई 2026) का मुख्य उद्देश्य ‘माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन’ (MHM) के प्रति समाज में व्याप्त चुप्पी को तोड़ना और जागरूकता फैलाना था।
चुप्पी तोड़ना ही असली बदलाव: मुख्य अतिथि
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा ने समाज की विडंबना पर प्रहार करते हुए कहा कि माहवारी जैसे प्राकृतिक और महत्वपूर्ण विषय पर आज भी समाज में चुप्पी छाई रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चुप्पी को तोड़ना ही स्वस्थ समाज की नींव है।
अभियान का समापन मुख्यमंत्री की उपस्थिति में
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग की सराहना की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि:
”माहवारी स्वच्छता के इस व्यापक अभियान का भव्य समापन 28 मई (विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस) को माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा।”
भ्रांतियों को दूर करने की पहल
यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीमा कुमार ने कहा कि यह अभियान समाज में माहवारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की एक ठोस पहल है, ताकि इस विषय पर सहजता से संवाद हो सके। वहीं, व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया कि कैसे वे समाज के हर तबके तक पहुँचकर इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकते हैं।
कार्यशाला की मुख्य झलकियाँ
- संकल्प और पोस्टर विमोचन: प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर शपथ दिलाई गई और जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया।
- मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका: प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे जमीनी स्तर पर बदलाव ला सकें।
- बलोदा बाजार-भाटापारा की सहभागिता: इस वर्कशॉप में बलोदा बाजार जिले का प्रतिनिधित्व जिला संगठन आयुक्त (गाइड) नेहा उपाध्याय, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) सूरज कसार, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) रजनी कला पाटकर और गाइडर तुलसी वर्मा ने किया।
यह कार्यशाला न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा को समाज की मुख्यधारा में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्काउट्स और गाइड्स के माध्यम से अब यह संदेश प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँचेगा।



