दिले राम सेन। रायपुर। सूरजपुर के कुमली वन विश्राम गृह में हुए अश्लील डांस प्रकरण ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना से विभाग की हुई किरकिरी के बाद अब प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) एवं वन बल प्रमुख ने एक बड़ा फरमान जारी करते हुए प्रदेश के सभी वन निरीक्षण कुटीर और विश्राम गृहों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है।

अब हर गतिविधि पर होगी सीधी नज़र
विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। कैमरों की जद में निम्नलिखित स्थान प्रमुखता से होंगे:
- प्रवेश द्वार एवं रिसेप्शन: आने-जाने वाले हर व्यक्ति की ट्रैकिंग के लिए।
- पार्किंग एवं कॉरिडोर: सुरक्षा और अनधिकृत हलचल को रोकने के लिए।
- संवेदनशील स्थल: परिसर के ऐसे हिस्से जहां से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की संभावना हो।
सख्त हुए नियम: बिना ID एंट्री नहीं
सिर्फ कैमरे ही नहीं, अब ठहरने वालों के लिए नियमों में भी बदलाव किया गया है।
- अनिवार्य पहचान पत्र: अब विश्राम गृह में रुकने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपना आधार कार्ड या वैध पहचान पत्र देना होगा, जिसे रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा।
- जवाबदेही तय: कैमरों के रख-रखाव और रिकॉर्डिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की होगी।
- कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: यदि भविष्य में किसी भी विश्राम गृह में कोई अनधिकृत प्रवेश या ‘कुमली कांड’ जैसी अनुचित गतिविधि पाई गई, तो वहां तैनात परिक्षेत्र अधिकारी (RO) और कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत तत्काल गाज गिरेगी।



