दिले राम सेन। बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जिला प्रशासन की उपेक्षा से नाराज शिक्षकों ने आगामी 17 जनवरी 2026 को जिले में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार (13 जनवरी) को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी।

प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और थाना सिटी कोतवाली में विधिवत ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन का मजबूत नेतृत्व दिखाई दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- मुरीत श्रीवास (जिलाध्यक्ष)
- श्रीमती पिंकी विकास चंद्राकर (जिला उपाध्यक्ष)
- तुलसी चरण जायसवाल (जिला सचिव)
- दयाराम ध्रुव व मनोज कुमार साहू (कार्यकारी जिलाध्यक्ष)
- रितु मेश्राम (महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष)
- ब्लॉक अध्यक्ष: संत कुमार साहू (बलौदा बाजार), राजेंद्र पैकरा (कसडोल), लोचन बांधे (पलारी) और त्रिनाथ डोरा।
क्यों हो रहा है आंदोलन?
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, शिक्षकों में शासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि:
”हमने हमेशा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम किया है, लेकिन जब हमारी वाजिब मांगों की बात आती है, तो शासन-प्रशासन मौन साधे रहता है। मजबूर होकर हमें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है।”
चेतावनी: जिम्मेदारी शासन की होगी
फेडरेशन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 17 जनवरी से पहले उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन उग्र और प्रभावी होगा। संघ ने यह भी साफ किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, परंतु इसके कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



