महेश्वर जायसवाल। बलौदाबाजार | 10 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में वन संपदा की सुरक्षा के प्रति वन विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के कुशल निर्देशन में अर्जुनी वन परिक्षेत्र की टीम ने देर रात घेराबंदी कर बेशकीमती सागौन के लट्ठों से लदे एक वाहन को जब्त किया है।

गुप्त सूचना पर आधी रात को दी दबिश
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वन विभाग को पिछले कुछ समय से क्षेत्र में सागौन की अवैध तस्करी की गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वनमण्डलाधिकारी ने संबंधित स्टाफ को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा था।
इसी क्रम में 8 अप्रैल की रात लगभग 11:30 बजे, वन विभाग की विशेष टीम ने बंगलापाली के पास सुनसान इलाके में दबिश दी। टीम ने एक संदिग्ध महिंद्रा जीतो प्लस वाहन को रोका, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे सागौन के लट्ठे बरामद हुए।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण
वन विभाग ने मौके से पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- गंगाराम सागर (महकम)
- शिवप्रसाद केवट (सोनाखान)
- अंजोर साहू (मानाकोनी)
- कैलाश यादव (सोनाखान)
- भुनेश्वर पटेल (महकम)
कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी
वन विभाग ने जब्त लकड़ी और परिवहन में प्रयुक्त वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक पंजीबद्ध कर भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का संदेश: > “वन संपदा की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में अवैध कटाई और तस्करी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की सतर्क निगरानी और गश्त लगातार जारी रहेगी ताकि वन माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।”
यह कार्रवाई क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों के लिए एक कड़ी चेतावनी मानी जा रही है। वन विभाग के इस कदम की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है, क्योंकि यह न केवल सरकारी राजस्व की रक्षा करता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।



