महेश्वर जायसवाल।बलौदाबाजार | 22 फरवरी 2026छत्तीसगढ़ की पावन धरा और सतनाम पंथ के श्रद्धा के केंद्र गिरौदपुरी धाम में रविवार को आस्था और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था आयोजित विशाल संत समागम एवं गुरुदर्शन कार्यक्रम का, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

आत्मीय स्वागत और अभिनंदन
मुख्यमंत्री श्री साय के हेलीपेड पहुँचते ही जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कलेक्टर दीपक सोनी ने मुख्यमंत्री की अगवानी करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर जिले की ओर से अभिनंदन किया।
स्वागत की इस कड़ी में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, राजिम विधायक रोहित साहू, आईजी अमरेश मिश्रा और एसपी भावना गुप्ता ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश
बाबा गुरु घासीदास की जन्मभूमि और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित इस संत समागम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना था। मुख्यमंत्री ने मंदिर में गुरुदर्शन किए और बाबा के चरणों में शीश नवाकर छत्तीसगढ़ की जनता की खुशहाली, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
”गिरौदपुरी धाम केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि शांति, अहिंसा और मानवता की सीख देने वाला ऊर्जा केंद्र है। संत समागम के माध्यम से हम बाबा के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए संकल्पित हैं।”
— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (कार्यक्रम के दौरान भाव)
प्रमुख उपस्थिति
इस भव्य धार्मिक आयोजन में श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ा। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित क्षेत्र के अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
संतों के इस समागम ने न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी पेश की।



