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बलौदा बाजार: शाकंभरी जयंती पर मरार समाज की अनूठी पहल, सौरा बस्ती के 150 परिवारों को बांटी गई ताजी सब्जियां

दिले राम सेन। बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और दान के पर्व ‘छेरछेरा’ के पावन अवसर पर बलौदा बाजार में एक अनूठा संगम देखने को मिला। नगर के सौरा बस्ती में मरार (पटेल) समाज द्वारा मां शाकंभरी जयंती एवं सावित्रीबाई फुले जयंती के उपलक्ष्य में विशाल नि:शुल्क सब्जी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​इस अभिनव प्रयोग के तहत समाज के लोगों ने स्वयं के द्वारा उत्पादित ताजी सब्जियों का दान कर सेवा की नई मिसाल पेश की।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति

​नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और समाज के पदाधिकारी शामिल हुए:

  • नगर निकाय: पार्षद प्रतिनिधि शशिभूषण शुक्ला, पार्षद श्रीमती रेखा पटेल, पार्षद सुरेशीया बाई पटेल, पूर्व पार्षद पोषण पटेल एवं सतीश पटेल।
  • समाज प्रमुख: छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बरत राम पटेल, कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष नागेश्वर पटेल, प्रदेश सचिव डॉ. राधेश्याम पटेल, जिला युवा अध्यक्ष चंद्र विकास पटेल एवं अन्य पदाधिकारी।

150 परिवारों तक पहुँचा दान का सुख

​सौरा बस्ती के प्रतिनिधि मांझी पटेल, इतवारी पटेल, बलदेव पटेल सहित अन्य स्थानीय निवासियों के सहयोग से व्यवस्थित ढंग से 150 परिवारों को नि:शुल्क सब्जियां प्रदान की गईं। सब्जी दान करने में विशेष रूप से भरत पटेल, दानी पटेल, पप्पू पटेल और रैना पटेल का सराहनीय योगदान रहा।

“छेरछेरा पर्व पर अन्न दान की परंपरा है। मरार समाज ने अपनी मेहनत से उपजी सब्जियों का दान कर एक पुण्य कार्य किया है। अमीर-गरीब का भेद मिटाकर भिक्षा मांगना और दान करना ही हमारी संस्कृति की खूबसूरती है।” > — श्री अशोक जैन, अध्यक्ष, नगर पालिका बलौदा बाजार

मां शाकंभरी का महत्व और सामाजिक संदेश

​प्रदेश अध्यक्ष बरत राम पटेल ने पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि जब पृथ्वी पर 100 वर्षों तक अकाल पड़ा, तब मां दुर्गा ने शाकंभरी देवी के रूप में अवतार लिया और अपने शरीर से उत्पन्न साग-भाजियों से प्राणियों का कल्याण किया। इसी भावना के साथ मरार समाज ने अकाल और संकटों को दूर करने के प्रतीक स्वरूप सब्जी वितरण का निर्णय लिया।

​यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में एकजुटता और सेवा भाव का संदेश भी दे गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में बस्ती के युवाओं और समाज के कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।

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