दिले राम सेन।बलौदा बाजार: छत्तीसगढ़ की माटी के साहित्य और संस्कृति की महक अब सात समंदर पार नेपाल तक पहुँच गई है। जिले के ग्राम कंजी निवासी सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कवि एवं शिक्षक किरण सेन भरसेला को नेपाल की प्रतिष्ठित संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

‘मातृभाषा रत्न’ की मानद उपाधि से अलंकृत
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) के विशेष अवसर पर आयोजित इस समारोह में किरण सेन भरसेला को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं के लिए “मातृभाषा रत्न” की मानद उपाधि प्रदान की गई। संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने प्रशस्ति पत्र जारी कर उनके योगदान की सराहना की।
साहित्यिक साधना और मातृभाषा के प्रति समर्पण
संस्था ने रेखांकित किया कि श्री भरसेला ने एक शिक्षक और साहित्यकार के रूप में न केवल कलम चलाई है, बल्कि:
- मातृभाषा का संरक्षण: छत्तीसगढ़ी और मातृभाषा के संवर्धन हेतु निरंतर कार्य किया।
- भाषाई जागरूकता: समाज में अपनी भाषा के प्रति गौरव जगाने में अहम भूमिका निभाई।
- सृजनशीलता: उनकी कविताओं और लेखों ने साहित्य के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।
- ”किरण सेन भरसेला की साहित्य साधना और समर्पण भावी पीढ़ियों के लिए एक मशाल की तरह है। यह सम्मान उनकी वर्षों की मेहनत और भाषाई प्रेम का प्रतिफल है।” — संस्था का आधिकारिक वक्तव्य
क्षेत्र में हर्ष की लहर
पिता श्री कृष्णा और समस्त परिवार सहित पूरे बलौदा बाजार क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान की खबर मिलते ही स्थानीय साहित्यकारों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का मानना है कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ी साहित्य को अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान मिली है।



