महेश्वर जायसवाल।बलौदाबाजार | 23 फरवरी 2026 बोर्ड और कॉलेज परीक्षाओं के मद्देनजर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला प्रशासन ने छात्रों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री दीपक सोनी ने जिले की सीमाओं के भीतर बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के शोर पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

प्रमुख बिंदु: क्या है प्रशासन का आदेश?
प्रशासन ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 4 का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- बिना अनुमति उपयोग वर्जित: किसी भी धार्मिक, सामाजिक या निजी कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर बजाने के लिए अब लिखित पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
- ‘नो साउंड’ पीरियड: विशेष अनुमति मिलने पर भी रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं किया जा सकेगा।
- होगी कड़ी कार्रवाई: आदेश का उल्लंघन करने पर न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि उपकरण भी जब्त कर लिए जाएंगे।
- निगरानी दल का गठन: जिले में ‘उड़नदस्ता’ दल तैनात किए गए हैं जो शोर मचाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखेंगे।
विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता
परीक्षा के तनावपूर्ण समय में अक्सर आस-पड़ोस का शोर छात्रों की एकाग्रता भंग करता है। कलेक्टर श्री दीपक सोनी के इस आदेश का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक शांत और व्यवधान-मुक्त वातावरण प्रदान करना है ताकि वे अपनी तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।
”परीक्षा के दौरान एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण है। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाहरी शोर बाधा न बने।”
— जिला प्रशासन, बलौदाबाजार
जनता में स्वागत की लहर
प्रशासन के इस संवेदनशील फैसले का अभिभावकों और शिक्षाविदों ने जोरदार स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इस पहल से न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि वृद्धों और बीमार व्यक्तियों को भी ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। यदि आपके क्षेत्र में कोई इस नियम का उल्लंघन करता है, तो आप तुरंत संबंधित तहसील कार्यालय या पुलिस थाने में इसकी सूचना दे सकते हैं।



