दिले राम सेन।करतला | 03 मार्च 2026 शिक्षा के उजाले से असाक्षरों के जीवन को रोशन करने के उद्देश्य से, विकासखंड करतला में ‘उल्लास’ नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.पी. उपाध्याय के निर्देशानुसार एवं बीईओ श्री संदीप पांडे के मार्गदर्शन में आज 18 संकुलों के 103 ग्राम प्रभारियों (प्रधान पाठक) एवं स्वयंसेवी शिक्षकों के प्रथम बैच का एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया।


22 मार्च को जिले के 17 हजार असाक्षर देंगे परीक्षा
आगामी 22 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली महा-परीक्षा में जिले के 17 हजार से अधिक असाक्षर सम्मिलित होंगे। प्रशिक्षण के दौरान बीपीओ लोकनाथ सेन ने पंचायतवार चिन्हांकित असाक्षरों की सूची और परीक्षा निर्धारण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
व्यवहारिक ज्ञान से मिलेगी किताबी सफलता
प्रशिक्षण में मुख्य रूप से डाइट कोरबा की टीम ने शिक्षकों को नए और रोचक तरीकों से साक्षरता प्रदान करने के गुर सिखाए:
- मौलिक अनुभव का सम्मान: डाइट उप-प्राचार्य श्रीमती मनीषा जैन ने कहा कि असाक्षरों के पास पर्याप्त व्यवहारिक ज्ञान होता है, हमें बस उनके उस अनुभव को पढ़ाई से जोड़ना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
- बुनियादी दक्षता: श्रीमती आशु गुप्ता ने भाषाई और गणितीय दक्षता के तहत मतदान, बैंकिंग, सेहत और खान-पान जैसे दैनिक विषयों के माध्यम से अक्षर ज्ञान देने पर जोर दिया।
- जन-जागरूकता: श्रीमती प्रभा गुप्ता ने परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा करते हुए हर शनिवार को ‘बैगलेस डे’ के दिन साक्षरता शपथ, रैली और नारों के माध्यम से माहौल बनाने का सुझाव दिया।
तकनीकी बारीकियों और समन्वय पर जोर
जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने अन्य विभागों जैसे पंचायत और महिला बाल विकास के साथ समन्वय बिठाने की बात कही। उन्होंने परीक्षा फॉर्म भरने का लाइव डेमो दिया और उत्तर पुस्तिका जांच के दौरान होने वाली संभावित त्रुटियों के प्रति शिक्षकों को सचेत किया।
”हमारा लक्ष्य केवल साक्षर करना नहीं, बल्कि असाक्षरों को उनके दैनिक कार्यों के लिए किसी अन्य पर निर्भरता से मुक्त करना है।” — प्रशिक्षण दल, डाइट कोरबा



