दिले राम सेन । कसडोल/नगरदा: विपदा की घड़ी में शासन और प्रशासन जब संवेदनशील होकर साथ खड़ा होता है, तो वह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए जीने का सहारा बन जाता है। कुछ ऐसी ही मानवीय पहल कसडोल विकासखंड में देखने को मिली, जहाँ शिक्षा विभाग के एक दिवंगत कर्मचारी के परिवार को तत्परता से सहायता पहुँचाई गई।

आकस्मिक निधन के बाद परिवार को मिला सहारा
शासकीय प्राथमिक शाला, बार में कार्यरत रहे स्वर्गीय श्री चित्रा कुमार भोई के असामयिक निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। इस कठिन समय में प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी धर्मपत्नी, श्रीमती विजया भोई को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान की। विकासखंड कार्यालय कसडोल की ओर से यह राशि चेक के माध्यम से सौंपी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यक्त की संवेदना
सहायता राशि वितरण के दौरान उपस्थित अधिकारियों और सहकर्मियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर नव साक्षर भारत के नोडल अधिकारी योगेन्द्र कुमार श्रीवास ने कहा:
”शासन और प्रशासन का सदैव यह प्रयास रहता है कि अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों को कठिन परिस्थितियों में अकेला न छोड़ा जाए। यह सहायता राशि स्वर्गीय भोई जी के परिवार को आर्थिक मजबूती और मानसिक संबल प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश है।”
क्षेत्र में सराहना, मानवीय दृष्टिकोण की जीत
इस त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल की पूरे नगरदा और कसडोल क्षेत्र में सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का यह संवेदनशील चेहरा सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में भी परिवार को नियमानुसार मिलने वाली अन्य सुविधाओं और सहयोग के लिए विभाग पूरी तत्परता से कार्य करेगा।
मुख्य बिंदु:
- सहायता राशि: ₹50,000 का चेक प्रदान किया गया।
- हितग्राही: श्रीमती विजया भोई (स्व. चित्रा कुमार भोई की पत्नी)।
- उद्देश्य: आकस्मिक निधन के बाद परिवार को आर्थिक संबल देना।
- प्रमुख उपस्थिति: योगेन्द्र कुमार श्रीवास (नोडल अधिकारी) एवं अन्य विभागीय कर्मचारी।



