दिले राम सेन। रतलाम। नाई समाज की समृद्ध विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए “सेन संगवारी सामाजिक उत्थान मंच” ने एक अभिनव पहल की है। मंच द्वारा प्रदेश स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज के बच्चे और युवा अपने गौरवशाली अतीत और भविष्य के रोडमैप पर विचार साझा करेंगे।

विरासत और भविष्य पर केंद्रित है विषय
मंच के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद सेन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में रचनात्मकता के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। प्रतियोगिता के लिए विशेष विषय निर्धारित किया गया है:
“नाई समाज का गौरवशाली इतिहास, सामाजिक पटल पर छाप छोड़ती वर्तमान स्थिति एवं समृद्ध भविष्य की योजना।”
प्रतियोगिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
प्रतियोगिता में सहभागिता के नियम सरल रखे गए हैं ताकि अधिक से अधिक युवा जुड़ सकें:
- पात्रता: 10 वर्ष की आयु से लेकर स्नातक (Graduate) स्तर तक के विद्यार्थी।
- प्रविष्टि का माध्यम: साफ कागज पर हस्तलिखित (Handwritten) निबंध।
- समय सीमा: 13 अप्रैल 2026 (दोपहर 12:00 बजे) से 14 अप्रैल 2026 (रात्रि 12:00 बजे तक)।
- आवश्यक विवरण: निबंध के साथ अपना फोटो, नाम, पिता का नाम, पता और मोबाइल नंबर भेजना अनिवार्य है।
यहाँ भेजें अपनी प्रविष्टियाँ
प्रतिभागी अपने निबंध की फोटो खींचकर निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेज सकते हैं:
- 9425529829
- 9617782820 (अन्य जानकारी हेतु हेल्पलाइन: 9977580623)
चयन प्रक्रिया और पुरस्कार
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा।
- जिला स्तर पर चयन: प्रत्येक जिले से दो सर्वश्रेष्ठ निबंधों का चयन किया जाएगा।
- सम्मान: चयनित प्रतिभागियों को मंच की ओर से प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। स्थानीय जिला समितियाँ अपनी स्वेच्छा से अतिरिक्त पुरस्कार भी दे सकती हैं।
- डिजिटल संकलन: प्राप्त सभी निबंधों को एक PDF बुकलेट का रूप देकर सामाजिक समूहों में साझा किया जाएगा, ताकि समाज का हर व्यक्ति इन विचारों से लाभान्वित हो सके।
सामाजिक चेतना का शंखनाद
परमानंद सेन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस बौद्धिक आयोजन में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रतियोगिता न केवल समाज के गौरवशाली इतिहास को उजागर करेगी, बल्कि एक सशक्त और समृद्ध भविष्य की नींव रखने में भी सहायक सिद्ध होगी।



