दिले राम सेन। बलौदाबाजार/छत्तीसगढ़: भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं ने मध्य प्रदेश के पंचमढ़ी में आयोजित ‘नेशनल एडवेंचर प्रोग्राम’ में अपने साहस और कौशल का लोहा मनवाया। 04 अप्रैल से 08 अप्रैल तक चले इस पांच दिवसीय शिविर में सफलतापूर्वक भागीदारी करने के बाद पूरी टीम 9 अप्रैल को सुरक्षित वापस लौट आई है।

वरिष्ठ अधिकारियों का रहा मार्गदर्शन
इस सफलता के पीछे छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत खालसा और राज्य सचिव श्री बृजेश बाजपेयी के दिशा-निर्देशों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय स्तर पर टीम को जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे, जिला आयुक्त गाइड श्रीमती वंदना तिवारी, जिला मुख्य आयुक्त डॉ. अजय राव, जिला कोषाध्यक्ष श्री पीयूष मिश्रा और जिला कार्यवाहक अध्यक्ष श्री रामाधार पटेल का निरंतर प्रोत्साहन मिला।
तकनीकी और संगठनात्मक मार्गदर्शन के लिए जिला सचिव डॉ. जगदीश हीरा साहू, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) सूरज कसार और गाइड आयुक्त सुश्री नेहा उपाध्याय ने अहम भूमिका निभाई।
चुनौतियों के बीच निखरा नेतृत्व कौशल
शिविर के दौरान बलौदाबाजार के स्काउट्स और गाइड्स ने विभिन्न साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। पहाड़ों की चढ़ाई, ट्रैकिंग और टीम वर्क के जरिए बच्चों ने नेतृत्व क्षमता (Leadership) और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ा।
दल का नेतृत्व:
- स्काउट प्रभारी: श्री ईश्वर लाल साहू एवं श्री महेंद्र वर्मा।
- गाइड प्रभारी: सुश्री आरती सार्वा एवं श्रीमती रामकुमारी पटेल।
प्रतिभागी स्काउट्स एवं गाइड्स
इस गौरवशाली दल में जिले के कई होनहार छात्र शामिल रहे:
- स्काउट टीम: भूपेन्द्र निषाद, खुलेश्वर निषाद, पूनम पैकरा, तिलेश्वर पटेल, यश कुमार, छत्तेस्वर वर्मा, पंकज निषाद, कुणाल निर्मलकर, नरेन्द्र वैष्णव, पीयूष कुमार, खिलावन निषाद, शुभम पटेल, अमन टंडन, दिनेश बंजारे, विपिन कुमार, हर्ष कुमार, वेदांत वर्मा, रामेश्वर सिंह, कुणाल साहू और अमन साहू।
- गाइड टीम: ज्योति ध्रुव, ललिता फेकर, ईशा, संध्या कैवर्य, यामिनी धीवर, विश्वामोहिनी साहू, सिमरन पटेल, दिव्या साहू, साधना, किंजल, राधिका, पूनम धीवर, प्रियांशी पटेल, निकिता, माधुरी यादव, बिनु बनछोर, आरती सेन, पायल, सुनैना साहू, कीर्ति, हसीना साहू और योगिता।
घर वापसी पर उत्साह का माहौल
शिविर की सफलता के बाद टीम 8 अप्रैल को पिपरिया रेलवे स्टेशन से रवाना होकर 9 अप्रैल को अपने गृह जिले पहुंची। वापस लौटे प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंचमढ़ी की वादियों में उन्होंने न केवल प्रकृति को करीब से जाना, बल्कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की कला भी सीखी। जिले के अधिकारियों ने टीम को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है।
”इस तरह के राष्ट्रीय आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें देश सेवा व अनुशासन की भावना सुदृढ़ होती है।” — जिला स्काउट प्रशासन



