दिले राम सेन।मुढ़ीपार/कसडोल: आज के समय में जहाँ लोग अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यस्त हैं, वहीं भगवती मानव कल्याण संगठन ने एक गरीब परिवार की मदद कर निस्वार्थ सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। संगठन के प्रयासों से जनपद पंचायत कसडोल के ग्राम मुढ़ीपार निवासी एक बालक को 8 साल बाद उसकी पहचान का कानूनी दस्तावेज ‘जन्म प्रमाण पत्र’ प्राप्त हुआ।

क्या था मामला?
ग्राम मुढ़ीपार निवासी बलराम यादव का परिवार लंबे समय से एक बड़ी समस्या से जूझ रहा था। उनके पुत्र निखिल का जन्म 26 दिसंबर 2016 को हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति दयनीय होने और पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण, जागरूकता के अभाव में निखिल का जन्म प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन सका था। बिना प्रमाण पत्र के बच्चे के भविष्य और शिक्षा को लेकर परिवार चिंतित था।
संगठन की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही इस मामले की जानकारी भगवती मानव कल्याण संगठन के जिला कार्यालय को मिली, संगठन के सदस्यों ने इसे गंभीरता से लिया।
- दस्तावेज संकलन: सदस्यों ने तत्काल परिवार से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई।
- प्रशासनिक प्रक्रिया: संगठन की टीम जिला चिकित्सालय पहुंची और जटिल कागजी कार्यवाही को अपने मार्गदर्शन में पूर्ण कराया।
- सफलता: समस्त प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आज निखिल का जन्म प्रमाण पत्र आधिकारिक रूप से बलराम यादव के परिवार को सौंप दिया गया।
”हम बहुत परेशान थे और समझ नहीं आ रहा था कि कागजी कार्यवाही कैसे होगी। संगठन के सदस्यों ने हमारे लिए जो किया, उसके लिए हम सदैव ऋणी रहेंगे।”
— बलराम यादव (निखिल के पिता)
13 वर्षों से सेवा पथ पर अग्रसर
उल्लेखनीय है कि भगवती मानव कल्याण संगठन पिछले 13 वर्षों से जिले में सक्रिय है। सदगुरुदेव परमहंस योगीराज शक्तिपुत्र महाराज के मार्गदर्शन में यह संगठन न केवल आध्यात्मिक चेतना (दुर्गा आरती एवं चालीसा पाठ) जगा रहा है, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाने और गरीबों की सहायता करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस नेक कार्य की क्षेत्र में चहुंओर प्रशंसा हो रही है और लोग संगठन के सेवा भाव की सराहना कर रहे हैं।



