
कसडोल। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना कसडोल अंतर्गत ग्राम डाढ़ाखार में करीब एक साल पहले हुई एक संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी नरेश पैकरा (42 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने चुनावी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के चलते 55 वर्षीय इतवारी राम पैकरा की डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।
क्या था पूरा मामला?
घटना पिछले वर्ष 7 अप्रैल 2025 की है, जब ग्राम डाढ़ाखार निवासी इतवारी राम पैकरा के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल बलौदाबाजार में भर्ती कराया गया था, जहाँ अगले दिन 8 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शुरुआत में मामला मर्ग जांच में था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृतक के सिर पर किसी ठोस वस्तु से जानलेवा वार किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया।
डर के साये में थे चश्मदीद
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में जब कसडोल पुलिस ने बारीकी से तफ्तीश शुरू की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। जांच में पता चला कि घटना के वक्त कुछ लोग वहां मौजूद थे, लेकिन आरोपी नरेश पैकरा ने उन्हें जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया था। इसी डर की वजह से गवाहों ने लंबे समय तक पुलिस को सच नहीं बताया।
वोट नहीं देने और ‘बैगा’ बनने पर था विवाद
पुलिस की सघन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब संदेही नरेश पैकरा को हिरासत में लिया गया, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह मृतक से पुरानी रंजिश रखता था। विवाद की मुख्य वजह पंच चुनाव के दौरान मृतक द्वारा आरोपी को वोट न देना और गांव में ‘बड़ा बैगा’ (झाड़-फूंक करने वाला) बनने की बात को लेकर थी। इसी बात पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए पास पड़े लकड़ी के डंडे से इतवारी राम के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था, जो अंततः उनकी मौत का कारण बना।
पुलिस की कार्रवाई
थाना कसडोल पुलिस ने आरोपी नरेश पैकरा को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में कसडोल पुलिस की तत्परता और सूक्ष्म निरीक्षण की सराहना की जा रही है।



