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बिलासपुर: अशोक वाटिका में गूंजा विप्र एकता का शंखनाद, संक्रांति महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

दिले राम सेन। बिलासपुर। विप्र युवा मंच, छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज (खारंग परिक्षेत्र) के तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य ‘स्नेह सम्मेलन एवं सामाजिक परिचर्चा’ का आयोजन किया गया। अशोक नगर स्थित ‘अशोक वाटिका’ में आयोजित इस महोत्सव में क्षेत्र के समस्त विप्र समाज ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।

सामाजिक उत्थान पर गहन मंथन

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बौद्धिक परिचर्चा रही, जिसका विषय “वर्तमान परिदृश्य में छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज की भूमिका और उसका भविष्य” था। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

  • प्रमुख वक्ता: श्रीमती रश्मि द्विवेदी, डॉ. विनोद तिवारी, श्रीमती अनामिका तिवारी, डॉ. प्रदीप शुक्ला, राजकुमार तिवारी, विवेक दुबे, गीता तिवारी, प्रणव शर्मा और ब्रजेश शास्त्री ने अपने विचार साझा किए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने जताया पूर्ण सहयोग

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने समाज को संबोधित करते हुए कहा, “समाज का जो भी आदेश होगा, उसे पूरा करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूं। सामाजिक विकास के लिए जिस भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, उसे मैं प्राथमिकता से पूर्ण करूंगा।”

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का संकल्प

​सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए ठोस निर्णय भी लिए गए। उपस्थित विप्रजनों ने संकल्प लिया कि जन सहयोग के माध्यम से समाज के लिए निम्नलिखित सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा:

  • एम्बुलेंस एवं शव वाहन की व्यवस्था।
  • सामाजिक भवन का निर्माण।
  • डेड बॉडी फ्रीजर जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।

इन गांवों की रही सक्रिय सहभागिता

​खारंग परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, सरकंडा, बिरकोना, बैमा, नगोई, खैरा, उर्तुम, कोनी, सेमरताल, सेंदरी, गतौरी, जलसो, भरारी, चुमकवां, मोहतराई, सिंघरी, लखराम, अकलतरी, बाम्हू, सेलर, पौंसरा, गढ़वट और टेकर सहित पूरे क्षेत्र के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भजन और भोजन प्रसादी का आनंद

​बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ कार्यक्रम में भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। अंत में सभी ने सामूहिक ‘भोजन प्रसादी’ ग्रहण कर आपसी स्नेह साझा किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लोकेशधर दीवान ने किया एवं आभार प्रदर्शन ब्रजेश शास्त्री द्वारा किया गया।

​अशोक वाटिका के संचालक अमित दुबे का इस भव्य आयोजन को सफल बनाने और निःशुल्क भवन उपलब्ध कराने में विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति के हरीश शर्मा, ब्रजेश शास्त्री, आलोक रंजन पाण्डेय, सृजन शर्मा, प्रदीप पाण्डेय, सुरेन्द्र गौरहा और विवेक दुबे ने इस सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के समस्त विप्रजनों का आभार व्यक्त किया है।

बिलासपुर। विप्र युवा मंच, छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज (खारंग परिक्षेत्र) के तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य ‘स्नेह सम्मेलन एवं सामाजिक परिचर्चा’ का आयोजन किया गया। अशोक नगर स्थित ‘अशोक वाटिका’ में आयोजित इस महोत्सव में क्षेत्र के समस्त विप्र समाज ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।

सामाजिक उत्थान पर गहन मंथन

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बौद्धिक परिचर्चा रही, जिसका विषय “वर्तमान परिदृश्य में छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज की भूमिका और उसका भविष्य” था। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

  • प्रमुख वक्ता: श्रीमती रश्मि द्विवेदी, डॉ. विनोद तिवारी, श्रीमती अनामिका तिवारी, डॉ. प्रदीप शुक्ला, राजकुमार तिवारी, विवेक दुबे, गीता तिवारी, प्रणव शर्मा और ब्रजेश शास्त्री ने अपने विचार साझा किए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने जताया पूर्ण सहयोग

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने समाज को संबोधित करते हुए कहा, “समाज का जो भी आदेश होगा, उसे पूरा करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूं। सामाजिक विकास के लिए जिस भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, उसे मैं प्राथमिकता से पूर्ण करूंगा।”

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का संकल्प

​सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए ठोस निर्णय भी लिए गए। उपस्थित विप्रजनों ने संकल्प लिया कि जन सहयोग के माध्यम से समाज के लिए निम्नलिखित सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा:

  • एम्बुलेंस एवं शव वाहन की व्यवस्था।
  • सामाजिक भवन का निर्माण।
  • डेड बॉडी फ्रीजर जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।

इन गांवों की रही सक्रिय सहभागिता

​खारंग परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, सरकंडा, बिरकोना, बैमा, नगोई, खैरा, उर्तुम, कोनी, सेमरताल, सेंदरी, गतौरी, जलसो, भरारी, चुमकवां, मोहतराई, सिंघरी, लखराम, अकलतरी, बाम्हू, सेलर, पौंसरा, गढ़वट और टेकर सहित पूरे क्षेत्र के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भजन और भोजन प्रसादी का आनंद

​बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ कार्यक्रम में भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। अंत में सभी ने सामूहिक ‘भोजन प्रसादी’ ग्रहण कर आपसी स्नेह साझा किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लोकेशधर दीवान ने किया एवं आभार प्रदर्शन ब्रजेश शास्त्री द्वारा किया गया।

​अशोक वाटिका के संचालक अमित दुबे का इस भव्य आयोजन को सफल बनाने और निःशुल्क भवन उपलब्ध कराने में विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति के हरीश शर्मा, ब्रजेश शास्त्री, आलोक रंजन पाण्डेय, सृजन शर्मा, प्रदीप पाण्डेय, सुरेन्द्र गौरहा और विवेक दुबे ने इस सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के समस्त विप्रजनों का आभार व्यक्त किया है।

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