महेश्वर जायसवाल।बलौदाबाजार | 16 अप्रैल 2026 वन्यजीवों के विरुद्ध अपराध करने वालों पर नकेल कसते हुए बलौदाबाजार वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अर्जुनी वनपरिक्षेत्र में पिछले साल अक्टूबर में हुए मादा गौर के शिकार मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

सतत निगरानी और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
अक्टूबर 2024 में घटित इस शिकार प्रकरण ने वन विभाग को सतर्क कर दिया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज इस गंभीर अपराध के बाद से ही दोनों आरोपी पुलिस और वन विभाग की आँखों में धूल झोंककर फरार थे। वन विभाग द्वारा तैयार की गई प्रभावी रणनीति, सक्रिय मुखबिर तंत्र और विशेष गश्त के निरंतर प्रयासों के कारण आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।
टीम वर्क का दिखा असर
इस पूरी कार्रवाई को वन विभाग की एक विशेष टीम ने अंजाम दिया, जिसमें अधिकारियों की मुस्तैदी सराहनीय रही। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल थे:
- प्रशिक्षु सहायक वनसंरक्षक: गुलशन कुमार साहू
- परिक्षेत्र अधिकारी (अर्जुनी): सुश्री रुपेश्वरी दीवान
- अधिकारी: पार्थ शर्मा
- बीट अधिकारी: ललित कुमार वर्मा, भानुप्रताप आज़ाद एवं संदीप माथुर
“अधिकारियों का संदेश: “वन्यजीवों के प्रति अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा ताकि पर्यावरण और वन्यजीवों का संतुलन बना रहे।”



