कसडोल (सेमरिया):ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने और उनके दरवाजे पर ही न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, कसडोल तहसील के ग्राम पंचायत सेमरिया में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा ‘राजस्व पखवाड़ा शिविर’ का शानदार आयोजन किया गया। इस शिविर में न केवल सरकारी फाइलों की धूल झाड़ी गई, बल्कि ग्रामीणों की सालों से लंबित शिकायतों का मौके पर ही निराकरण कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की गई।

तहसीलदार की सक्रियता से ग्रामीणों में उत्साह
शिविर में तहसीलदार विवेक कुमार पटेल स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक-एक ग्रामीण की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना। तहसीलदार ने मौके पर मौजूद राजस्व अमले को सख्त निर्देश दिए कि भूमि संबंधी प्रकरणों, जैसे:
- नामांतरण (Mutation)
- सीमांकन (Demarcation)
- बटवारा एवं त्रुटि सुधार
जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में निराकरण करें।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का साझा प्रयास
शिविर के सफल संचालन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। सरपंच वीरेंद्र साहू, उपसरपंच जोहान साहू और सचिव सुरेश कुमार निषाद सहित समस्त पंचगणों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शासन की योजनाएं सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।
उपस्थित प्रमुख राजस्व कर्मी:
- चंद्र प्रकाश साहू (पटवारी)
- सहनी चौहान (कोटवार)
”हमें अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए बार-बार शहर जाना पड़ता था, लेकिन आज साहब खुद हमारे गांव आए हैं। हमारा काम आसान हो गया और समय की भी बचत हुई।”
— एक स्थानीय ग्रामीण
संवाद से बढ़ा विश्वास
इस शिविर ने न केवल राजस्व मामलों का निपटारा किया, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच के फासले को भी कम किया है। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि प्रशासन का उनके गांव तक पहुँचना उनके लिए किसी सौगात से कम नहीं है। शिविर के माध्यम से राजस्व पखवाड़ा अपने मूल उद्देश्य— ‘पारदर्शिता और जन-सेवा’ को सार्थक करता नजर आया।



