दिले राम सेन।रायपुर: “देहदान ही सबसे बड़ा दान है”— इस मंत्र को सार्थक करते हुए सेन समाज के समर्पित पदाधिकारी और समाजसेवी निरंतर मानवता की सेवा में जुटे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर के जिला अध्यक्ष श्री कौशल सेन जी ने अपने स्वास्थ्य की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, समाज और चिकित्सा विज्ञान के हित में अपनी देह दान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

समर्पण की एक साझा पहल
सेन मित्र मंडल के मार्गदर्शन और रायपुर जिला सैलून व्यवसाय संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश सेन जी के नेतृत्व में समाज का एक प्रतिनिधिमंडल निरंतर इस पुनीत कार्य के लिए प्रयासरत था। हाल ही में समाज की कर्मठ समाज सेविका दीदी रेवती श्रीवास जी (जिन्होंने स्वयं भी शरीर दान का संकल्प लिया है) के निवास पर एक महत्वपूर्ण सौजन्य मुलाकात हुई थी।
इस बैठक में समाज के वरिष्ठ नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:
- श्री भूपेंद्र शंकर सेन जी (पूर्व प्रांत अध्यक्ष)
- श्री रुपेश ठाकुर जी (प्रदेश अध्यक्ष)
- श्री गोविंद सेन जी, भवानी सेन जी, कैलाश श्रीवास, राजेश श्रीवास, अजय सेन, विद्या सेन, नारद सेन और राधेश्याम सेन जी।
अस्पताल में विधिवत संपन्न हुई प्रक्रिया
बीजापुर जिलाध्यक्ष श्री कौशल सेन जी ने अस्वस्थ होने के बाद भी समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखा। उन्होंने अपने परिजनों की सहमति से दिनांक 20 फरवरी 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में देहदान से संबंधित सभी लिखित औपचारिकताएं पूर्ण कीं। इस दौरान उनके परिवार के सदस्यों के साथ समाज के प्रमुख पदाधिकारी भी साक्षी बने।
”समाज के लिए तन, मन और धन से समर्पित रहने की हमारी परंपरा को कौशल जी ने देहदान के संकल्प से एक नई ऊंचाई दी है।” — दिनेश सेन (रामनगर), अध्यक्ष, रायपुर जिला सैलून व्यवसाय संघ
जल्द स्वस्थ होने की कामना
संपूर्ण सेन समाज श्री कौशल सेन जी के इस साहसी और प्रेरक निर्णय की सराहना करता है। समाज के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर ईश्वर से प्रार्थना की है कि कौशल जी शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ होकर पुनः समाज की सेवा में सक्रिय हों।



