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जंगलों को ‘अग्नि’ से बचाने बलौदाबाजार वनमण्डल की हुंकार: बरबसपुर में कार्यशाला आयोजित, ग्रामीणों को बनाया सुरक्षा कवच

दिले राम सेन। बलौदाबाजार | 07 फरवरी 2026आगामी गर्मी के मौसम में वनों को भीषण आग से सुरक्षित रखने के लिए बलौदाबाजार वनमण्डल ने अपनी कमर कस ली है। वनमण्डलाधिकारी (DFO) श्री धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में आज बल्दाकछार परिक्षेत्र के ग्राम बरबसपुर में एक विशेष ‘वन अग्नि प्रबंधन कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीक और जनभागीदारी के समन्वय से जंगलों को खाक होने से बचाना है।

​16 फरवरी से ‘अग्नि सीज़न’ का आगाज़: विशेष रणनीति तैयार

​अग्नि सीज़न 2026 (16 फरवरी से 15 जून) को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों की समीक्षा की है। कार्यशाला में उन कारणों पर प्रहार किया गया जो अक्सर आग की वजह बनते हैं, जैसे:

  • ​महुआ संग्रहण के दौरान सूखे पत्तों को जलाना।
  • ​खेतों में पराली जलाना और बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी।
  • ​पशु चरवाहों द्वारा लापरवाही से आग का उपयोग।

​शून्य आग वाली समितियों का सम्मान: बनेगा रोल मॉडल

​इस कार्यशाला का सबसे प्रेरक पहलू ‘पुरस्कार और प्रोत्साहन’ रहा। वर्ष 2025 में जिन वन प्रबंधन समितियों ने अपने क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा, उन्हें सम्मानित किया गया:

​सम्मानित समितियां: दंडखार, नावाडीह, अल्दा, सुरबाय, मुढ़ीपार एवं सैयाभाटा।

इन समितियों की सफलता को पूरे ज़िले के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रूप में पेश किया गया है।

​तकनीक और सतर्कता का मेल

​वन विभाग ने आग पर त्वरित नियंत्रण के लिए बहुआयामी सुरक्षा चक्र तैयार किया है:

  1. ​कंट्रोल रूम और स्ट्राइक फोर्स: त्वरित रिस्पांस के लिए विशेष वाहनों की तैनाती।
  2. ​फायर लाइन: 6 मीटर और 12 मीटर चौड़ी फायर लाइनों की सफाई।
  3. ​आधुनिक उपकरण: फील्ड में प्रतिभागियों को ‘फायर ब्लोअर’ चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
  4. ​महुआ वृक्षों की मैपिंग: महुआ संग्रहण के दौरान आग रोकने के लिए ग्रामवार वृक्षों की सूची बनाई गई है।

​अधिकारी की अपील: “जंगलों की सुरक्षा, सबकी सुरक्षा”

​समापन संबोधन में DFO श्री धम्मशील गणवीर ने कहा, “आग न केवल वन संपदा को जलाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और वन्यजीवों के घरों को भी नष्ट कर देती है। युवाओं और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ही हमारे जंगलों को बचा सकती है।”

​यह कार्यशाला प्रशिक्षु ACF सुश्री श्वेता सिंह और प्रशिक्षु रेंजर श्री अतुल तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें स्थानीय वन अमले और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की।

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