दिले राम सेन। कसडोल |छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ, ब्लाक कसडोल (पंजीयन क्र. 5861) के बैनर तले कार्यरत अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ द्वारा माननीय विधायकों को पत्र प्रेषित कर मार्च बजट सत्र में प्रश्न लगाने का आग्रह किया गया है।
संघ का कहना है कि वर्ष 2011 से प्रदेश के शासकीय स्कूलों में अंशकालीन रूप से कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को सेवा देते हुए लगभग 15 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, इसके बावजूद आज भी उन्हें अंशकालीन ही रखा गया है। वर्तमान में उन्हें मात्र 3400 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में परिवार के भरण-पोषण के लिए अत्यंत अपर्याप्त है।
संघ ने मांग की है कि अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालीन कर्मचारी का दर्जा देते हुए कलेक्टर दर पर मानदेय प्रदान किया जाए। इस संबंध में संघ पदाधिकारियों ने माननीय विधायक कराडोल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से विधानसभा के आगामी बजट सत्र में प्रश्न लगाने की अपील की है।
संघ ने यह भी स्मरण कराया कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत अंशकालीन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि का वादा किया गया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उक्त वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारियों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।




