दिले राम सेन। रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को अब ‘होमस्टे’ के जरिए नई पहचान मिलने वाली है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड (CTB) के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में ‘होमस्टे पॉलिसी’ के प्रभावी क्रियान्वयन और सब्सिडी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।

इस बैठक में प्रदेश के सरगुजा और बस्तर संभाग के होमस्टे ओनर्स और पर्यटन हितधारक बड़ी संख्या में जुड़े। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
1. सब्सिडी और पात्रता: कैसे मिलेगा लाभ?
बैठक में एक विशेष प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि होमस्टे शुरू करने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और सब्सिडी किन चरणों में दी जाएगी।
- पारदर्शिता: सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि स्थानीय निवासियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
- अर्हता: निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले होमस्टे संचालकों को शासन की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
2. ‘होमस्टे क्लस्टर’ योजना: एक नया दृष्टिकोण
पर्यटन बोर्ड ने एक अभिनव प्रस्ताव रखा है। यदि किसी एक गांव में 10 से 12 होमस्टे एक साथ (क्लस्टर के रूप में) विकसित होते हैं, तो वहां विशेष सुविधाएं दी जाएंगी:
- सामुदायिक सहभागिता: गांव में बुनियादी ढांचे का विकास।
- सांस्कृतिक प्रोत्साहन: पर्यटकों के लिए स्थानीय लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- स्थानीय अनुभव: पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश का वास्तविक अनुभव प्रदान करने के लिए विशेष योजनाएं।
3. वित्तपोषण: छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक का साथ
बैठक में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष श्री विनोद अरोरा ने वित्तीय पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि:
- होमस्टे ओनर आसान शर्तों पर ऋण (Loan) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- बैंक द्वारा वित्तीय सहायता की प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है ताकि पूंजी की कमी आड़े न आए।



