
छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास और युवा सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के अनुरूप 7 वर्षों बाद राज्य में एक विशेष गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
मुख्यमंत्री ने बस्तर कॉन्क्लेव के दौरान स्पष्ट कहा था कि “बस्तर के युवाओं को पर्यटन से जोड़कर रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।” इसी मंशा को धरातल पर उतारते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) ग्वालियर में एक माह का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया।
45 युवाओं ने पूरा किया प्रशिक्षण, 80% बस्तर से
3 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक चले इस गहन प्रशिक्षण में कुल 45 युवाओं ने सफलतापूर्वक गाइड प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें से करीब 80% युवा बस्तर क्षेत्र के थे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को—
- पर्यटक मार्गदर्शन
- संप्रेषण एवं प्रस्तुति कौशल
- सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत का अध्ययन
- पर्यटन प्रबंधन
- व्यावहारिक फील्ड विज़िट
जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को पेशेवर ढंग से देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकें।
समापन समारोह में मिली सराहना
समापन कार्यक्रम में IITTM ग्वालियर के डायरेक्टर डॉ. आलोक शर्मा, वरिष्ठ प्रोफेसर तथा पर्यटन बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई इस ऐतिहासिक पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ, कहा—“यह पहल प्रदेश की छवि को नई ऊँचाई देगी”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशिक्षित युवा गाइडों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि बस्तर के युवाओं में अद्भुत प्रतिभा है, और पर्यटन के माध्यम से उनके सामने संभावनाओं का एक नया द्वार खुल रहा है।
छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
अब ये प्रशिक्षित युवा गाइड प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर को अधिक प्रभावी ढंग से पर्यटकों तक पहुँचाने में सक्षम होंगे। इससे—
- राज्य में पर्यटन का विस्तार
- स्थानीय रोजगार में वृद्धि
- बस्तर क्षेत्र का आर्थिक विकास
- छत्तीसगढ़ का वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दर्जा
जैसे महत्वपूर्ण परिणाम देखने को मिलेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के स्वर्ण अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नेतृत्व क्षमता और युवाओं के प्रति उनकी संवेदनशील सोच को दर्शाता है।



