स्थानीय महाविद्यालय में एचआईवी/एड्स जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, प्रशिक्षण अधिकारियों एवं विभागीय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी/एड्स के कारण, संक्रमण के खतरे, रोकथाम, बचाव तथा उपलब्ध स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि वर्ष दर वर्ष एचआईवी संक्रमण की दर बढ़ती जा रही है, जिसे केवल व्यापक जन जागरूकता एवं सतर्कता से नियंत्रित किया जा सकता है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
कार्यक्रम में सिंगल विंडो सोशल सिक्योरिटी सिस्टम के तहत एचआईवी/एड्स पीड़ितों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही HIV अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया, जिससे प्रतिभागियों को अधिकारों और सुविधाओं के बारे में उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य
- एचआईवी/एड्स के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना
- संक्रमण से बचाव के उपायों को समझाना
- एचआईवी/एड्स प्रभावित व्यक्तियों को उपलब्ध सरकारी सहायता एवं योजनाओं की जानकारी देना
- समुदाय में सहभागिता बढ़ाकर एचआईवी/एड्स के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को मजबूत करना
- समाज के हर सदस्य को सही जानकारी देकर भ्रांतियों को दूर करना
सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रश्मि साहू, चिकित्सा अधिकारी, ने एचआईवी/एड्स से जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
साथ ही धनेश्वर पटेल (AID काउंसलर), विल्सन मनहर, रामगोपाल साहू (TB काउंसलर), तथा राजेश देवांगन ने भी अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर उपयोगी मार्गदर्शन दिया।
महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डी. आर. साहू, विश्राम टंडन, एनएसएस प्रभारी कमलकांत बर्मन, विलोज़ सर सहित समस्त छात्र-छात्राएँ एवं स्टाफ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन जागरूकता शपथ के साथ किया गया, जिसमें सभी ने समाज में एचआईवी/एड्स सम्बन्धी सही जानकारी फैलाने और भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम न केवल सूचनाप्रद रहा, बल्कि छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।



