एम्स रायपुर में 23 नवंबर को प्रस्तावित बॉलीवुड थीम/गानों पर आधारित मनोरंजन कार्यक्रम को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल रायपुर महानगर ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठनों का आरोप है कि “मनोरंजन और कॉमेडी” के नाम पर अश्लीलता और फूहड़ता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो भारतीय और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मर्यादा के विपरीत है।

सांस्कृतिक गिरावट का आरोप
संगठनों का कहना है कि देश भर में मनोरंजन के नाम पर अश्लील सामग्री परोसी जा रही है और सरकार इस गंभीर विषय से अनभिज्ञ प्रतीत होती है। बयान में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ और राष्ट्र की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करने में शासन-प्रशासन की रुचि दिखाई नहीं देती।
छात्रों के अध्ययन माहौल पर भी चिंता
वीएचपी और बजरंग दल का आरोप है कि एम्स जैसा उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान, जहाँ छात्र कठिन परिश्रम और एकाग्रता के साथ अध्ययन करते हैं, वह स्थान फूहड़ मनोरंजन का केंद्र नहीं बनना चाहिए। ऐसे आयोजनों से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
स्थानीय कलाकारों की अनदेखी का आरोप
संगठनों ने बाहरी कलाकारों को भारी धनराशि देकर बुलाए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रदेश के लोक कलाकारों की उपेक्षा कर सांस्कृतिक संपदा को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने संस्कृति एवं कला विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
“डबल इंजन सरकार” पर भी उठे सवाल
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य और केंद्र में “डबल इंजन सरकार” होने के बावजूद, और नगर निगम महापौर, विधायक, सांसद सभी एक ही दल से होने पर भी, इस तरह का आयोजन उनकी “नाक के नीचे” हो रहा है—जो चिंताजनक है।
विरोध की चेतावनी
वीएचपी व बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन एम्स परिसर में प्रस्तावित इस कार्यक्रम को रोकने या नियंत्रित करने में असमर्थ रहता है, तो वे सर्व हिंदू समाज और स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर इस आयोजन का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि इस विरोध से उपजे सभी परिणामों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



