कसडोल। दो वर्ष पूर्व कसडोल थाने के ठाकुरदिया–पुटपुरा में हुए गैंद राम यादव हत्याकांड मामले में आखिरकार न्यायालय ने अपना कठोर फैसला सुना दिया है। अदालत ने आरोपी तीन सगे भाइयों—रवि रजक, राजेंद्र रजक और रोहित रजक—को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि गैंद राम यादव की हत्या कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि सामूहिक हिंसा और पूर्वनियोजित हमले का परिणाम थी। न्यायालय ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत सबूतों, गवाहों के बयान और घटनास्थल के हालातों को गंभीरता से देखते हुए सजा तय की।
घटना करीब दो साल पहले की है, जब गांव में विवाद के दौरान तीनों भाइयों ने मिलकर गैंद राम यादव पर घातक हमला किया था, जिसके चलते उनकी मौत हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
परिवार और गांव में फैसले के बाद मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां मृतक के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय को न्याय की जीत बताया, वहीं गांव में भी लंबे समय से चल रहे तनाव पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस फैसले को क्षेत्र में एक बड़े निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जिसने यह संदेश दिया है कि सामूहिक हिंसा और हत्या जैसे गंभीर अपराधों पर न्यायपालिका कठोर रुख अपनाएगी।



