कसडोल ।दुखद हादसा: ग्राम खर्वे में 8 दिवंगत मुखियाओं को साहू समाज और सर्व समाज ने दी श्रद्धांजलि, पीड़ित परिवारों को सौंपा गया श्रीफल एवं शॉल
विगत दिनों ग्राम पंचायत खर्वे में घटी अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना के कारण असमय काल-कवलित हुए 8 परिवारों के मुखियाओं की याद में 01 अक्टूबर 2026 को एक विशाल सामाजिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भावुक क्षण में तहसील साहू संघ कसडोल के अध्यक्ष श्री राजू साहू (हरिकांत जी) तथा परिक्षेत्र साहू संघ सेमरिया के अध्यक्ष श्री घनश्याम साहू जी के संयुक्त तत्वाधान में पूरे समाज और ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर दिवंगत आत्माओं को याद किया और अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान साहू समाज एवं सर्व समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस कठिन समय में संबल प्रदान करने हेतु प्रत्येक पीड़ित परिवार के सदस्यों को श्रीफल एवं शॉल भेंट कर उनका सम्मान किया गया और समाज की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया।
प्रमुख समाजसेवियों एवं पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अत्यंत संवेदनशील एवं शोकपूर्ण अवसर पर साहू समाज के जिला व तहसील स्तर के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे:
श्री सुनील साहू जी (अध्यक्ष, जिला साहू संघ)
श्री राजू साहू – हरिकांत (अध्यक्ष, तहसील साहू संघ कसडोल)
श्री घनश्याम साहू जी (अध्यक्ष, परिक्षेत्र साहू संघ सेमरिया)
श्री कामता प्रसाद साहू जी (उपाध्यक्ष, तहसील साहू संघ)
श्रीमती निर्मला साहू जी (उपाध्यक्ष, तहसील साहू संघ कसडोल)
श्री गरीब दास साहू जी (संरक्षक, तहसील साहू संघ कसडोल)
श्री सुरेन्द्र साहू जी (मनोनीत अध्यक्ष, न्याय प्रकोष्ठ जिला)
श्रीमती शकुंतला साहू जी (मनोनीत महिला अध्यक्ष, तहसील साहू संघ कसडोल)
श्री घसिया राम साहू जी (संगठन सचिव)
श्री सम्मेलाल साहू जी (उपाध्यक्ष)
श्रीमती सुशीला साहू जी (उपाध्यक्ष)
श्री गुनी राम साहू जी (परिक्षेत्र अध्यक्ष)
श्री दीनानाथ साहू जी (ग्राम अध्यक्ष, ग्राम खर्वे)
सर्व समाज ने दिखाई सामाजिक एकजुटता
कार्यक्रम में न केवल साहू समाज के पदाधिकारी, बल्कि ग्राम खर्वे के सर्व समाज के समस्त ग्रामवासी एवं पीड़ित परिवारों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। पूरा गांव इस दुखद घड़ी में एकजुट नजर आया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार के मुख्य सदस्यों का इस प्रकार चले जाना अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती; किंतु संकट की इस घड़ी में पूरा समाज और गांव पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन धारण कर सभी दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।




