दिले राम सेन।कसडोल|जनपद पंचायत कसडोल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत चरौदा (क) में राजनीतिक हलचल के बीच बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार को सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में सरपंच रामकुमार रजक को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। गुप्त मतदान में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 9 वोट पड़े, जिसके बाद नियमों के तहत प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया गया।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई गुप्त मतदान प्रक्रिया
अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की पूरी प्रक्रिया रिटर्निंग अधिकारी एवं तहसीलदार विवेक पटेल की प्रत्यक्ष देखरेख में संपन्न हुई। इस दौरान जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे।
- कुल मतदान प्रक्रिया: पारदर्शी व निष्पक्ष वातावरण बनाए रखने के लिए गुप्त मतदान (Secret Ballot) कराया गया।
- पक्ष में वोट: वर्तमान सरपंच रामकुमार रजक के पक्ष में केवल 3 मत पड़े।
- विपक्ष में वोट: अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए 9 पंचों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया।
13 जुलाई को प्रस्तुत किया गया था आवेदन
उल्लेखनीय है कि सरपंच की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर ग्राम पंचायत के 9 पंचों ने बीती 13 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामरतन दुबे के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने हेतु औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया था।
प्रशासन द्वारा निर्धारित वैधानिक समय-सीमा और प्रक्रिया का पालन करते हुए शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव की तिथि तय की गई थी।
नियमों के तहत कार्रवाई:
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। इसके साथ ही रामकुमार रजक पद पर बने रहने का आवश्यक बहुमत साबित नहीं कर सके।
आगे की वैधानिक प्रक्रिया
तहसीलदार व रिटर्निंग अधिकारी विवेक पटेल के अनुसार, मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब संबंधित सक्षम प्राधिकारी (SDM/कलेक्टर कार्यालय) द्वारा पंचायत राज अधिनियम के प्रचलित नियमों के तहत आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद पंचायत के कार्यवाहक/नए सरपंच के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।



