Chhattisgarh – DRS News https://drsnews.in DRS News Portal Wed, 28 Jan 2026 04:13:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://drsnews.in/wp-content/uploads/2025/09/cropped-WhatsApp-Image-2025-09-18-at-4.18.44-PM-32x32.jpeg Chhattisgarh – DRS News https://drsnews.in 32 32 “ग्राम पंचायत मल्दा में ‘लूट’ की पहली रिपोर्ट ‘फाइल’ में  कैद,,,दोबारा जांच की आड़ में क्या सच दफनाने की तैयारी?” https://drsnews.in/word-press/2736/ Wed, 28 Jan 2026 04:05:22 +0000 https://drsnews.in/?p=2736

हेमदास मानिकपुरी। कसडोल:ग्राम पंचायत मल्दा (जनपद पंचायत कसडोल) में सरकारी खजाने की बंदरबांट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ नियम और कायदे कागजों तक सीमित रह गए हैं। 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि में हुई ₹15 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमितता पहली जांच में सिद्ध हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ‘वसूली’ के बजाय ‘पुनः जांच’ का खेल खेल रहा है।

जांच में खुलासा: परिवार को ‘तोहफे’ में बांटी सरकारी राशि

​जनपद पंचायत कसडोल के सहायक लेखा परीक्षक श्री सदनलाल ध्रुव की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने भ्रष्टाचार की परतें खोल दी थीं। रिपोर्ट के अनुसार:

  • बिना टेंडर बंदरबांट: किसी भी टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बिना, सरपंच ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।
  • अपनों पर मेहरबानी: सीधे DSC (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) के जरिए:
    • ​पति कुलेश्वर केंवट को ₹2,43,000 का भुगतान।
    • ​देवर योगेश निषाद को ₹12,59,728 का भुगतान।
  • नियमों की धज्जियां: जांच में स्पष्ट कहा गया कि यह भुगतान शासन के वित्तीय नियमों के पूर्णतः विरुद्ध है।

प्रशासनिक रहस्य: जब गुनाह कबूल, तो दोबारा जांच क्यों?

सवाल यह उठता है कि जब पहली जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका था, तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कसडोल द्वारा दोबारा जांच के आदेश क्यों दिए गए?

संदेह के घेरे में कार्रवाई:

  1. वसूली में देरी: क्या दोबारा जांच केवल समय काटने और आरोपियों को राहत देने का एक जरिया है?
  2. गोपनीयता का खेल: प्रशासन ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है कि पहली जांच में ऐसी क्या कमी थी जिसे पूरा करने के लिए फिर से टीम बिठानी पड़ी।
  3. सांठगांठ की आशंका: बिना तकनीकी स्वीकृति के हुए इन भुगतानों में क्या निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक कोई आंतरिक सांठगांठ है?

  4. “जांच रिपोर्ट में अनियमितता स्पष्ट है। अब अवैध रूप से आहरित राशि की तत्काल वसूली होनी चाहिए। बार-बार जांच के नाम पर मामले को कमजोर किया जा रहा है।” > — हेमदास मानिकपुरी, शिकायतकर्ता

    पंचायत राज अधिनियम की उड़ती धज्जियां
    जानकारों का मानना है कि यदि पहली रिपोर्ट में वित्तीय गबन की पुष्टि हो गई थी, तो ‘पंचायत राज अधिनियम’ की धाराओं के तहत सरपंच को पदमुक्त करने और धारा 92 के तहत वसूली की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी। दोबारा जांच का निर्णय न केवल शिकायतकर्ता के मनोबल को तोड़ता है, बल्कि जनता के उस भरोसे को भी खत्म करता है जो वह अपनी ग्राम सरकार पर करती है।
    निष्कर्ष: अब गेंद प्रशासन के पाले में
    मल्दा पंचायत का यह प्रकरण अब कसडोल प्रशासन की साख का सवाल बन चुका है। क्या शासन की राशि की वसूली होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगा?
    हमारी मांग/अपेक्षा:
    पहली जांच के आधार पर अविलंब रिकवरी नोटिस जारी हो।
    पुनः जांच की आवश्यकता पर प्रशासन श्वेत पत्र जारी करे।
    दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाए।
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गिरौदपुरी धाम में तीन दिवसीय गुरूदर्शन मेला का आयोजन 22 से 24 फ़रवरी तक,,,,,,,,मेला आयोजन समिति की बैठक में तैयारी हेतु लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5/ Wed, 21 Jan 2026 12:41:39 +0000 https://drsnews.in/?p=2694

महेश्वर जायसवाल। गिरौदपुरी धाम में तीन दिवसीय गुरूदर्शन मेला का आयोजन 22 से 24 फ़रवरी तक,,,मेला आयोजन समिति की बैठक में तैयारी हेतु लिये गए महत्वपूर्ण निर्णय

बलौदाबाजार,21 जनवरी 2026/संत शिरोमणी गुरू घासीदास ज़ी की जन्मस्थली एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल गुरू दर्शन एवं संत समागम मेला का आयोजन होग़ा। तीन दिवसीय भव्य मेला 22 से 24 फ़रवरी 2026 तक आयोजित होग़ा। राजागुरु धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब की अध्यक्षता में बुधवार को जिला पंचायत के सभागार में मेला आयोजन समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें मेले की तैयारियों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब,गुरु सोमेश बाबा, गुरू सौरभ साहेब, कलेक्टर दीपक सोनी, एसपी भावना गुप्ता, पूर्व सांसद गुहा राम अजगले,पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब ने बैठक में कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी के सम्मान में आयोजित गिरौदपुरी मेला सबकी भागीदारी से शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जाएगा। उन्होंने मेले में व्यवस्थाओं और सुविधाओं को पिछले वर्ष की तुलना में और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों को समय पर पूरा कराने तथा फिल्ड पर भी तैयारी मौजूद हो इसके लिये स्पॉट निरीक्षण करने के भी सुझाव दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा अनुरूप मेला समिति की राशि 25 लाख से बढाकर 50 लाख करने तथा 50 लाख रुपये का आवंटन मेला समिति को प्राप्त होने पर समिति की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गिरौदपुरी मेला में सुविधाओं को पिछले वर्षो की तुलना में दुगुना किया गया है। विगत वर्ष भी बेहतर ढंग से मेला सम्पन्न हुआ था। इस बार पिछले वर्ष की कुछ कमियों को दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने जैतखाम में सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने कहा ताकि जैतखाम की सुरक्षा ब्यास्था पुख्ता रहे।

बैठक का संचालन कर रहे कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि इस वर्ष मेले के लिए कसडोल एसडीएम आर.आर. दुबे को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य स्तर से लगभग 26प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की तैयारी जा रही है। सभी सम्बधित विभागों को मेला की तैयारी हेतु जिम्मेदारी दी गई है।श् मेला स्थल पर जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए 30 लाख, 8 लाख और 75 हजार लीटर क्षमता के टंकियां हैं। मंदिर परिसर, महराजी, छाता पहाड़ और पंचकुंडीय स्थानों पर पृथक से पेयजल टंकियों की व्यवस्था की गई है। इस बार मेला परिसर में 250 टेप नल, 30 टैंकर,100 स्नानघर एवं शौचालय,20 चलित शौचालय, 10 जनरेटर, 24 घण्टे सफाई व्यवस्था हेतु लगभग 400 कर्मचारी एवं स्वच्छग्रही, 80 स्थायी शौचालय, 24 घण्टे मेडिकल टीम, मेला परिसर में 7 स्थानों पर 24 घण्टे चिकित्सा शिविर, 10 एम्बुलेंस की व्यवस्था की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गिरौदपुरी में 6 बेड भी तैयार रहेगा।सीएचसी कसडोल को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है।मेला परिसर और आसपास10 किलोमीटर की परिधि में मांस-मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।मेला में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी के लिये बड़े होर्डिंगस लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पिछले वर्ष के वेब साईट को सक्रिय किया जाएगा एवं बार कोड भी होग़ा।

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि मेले के दौरान तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी जिसमें लगभग 1182 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।30 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। सीसीटीवी कैमरा पिछले वर्ष से अधिक होगी। मुख्य कंट्रोल रूम के अलावा 4 अन्य कंट्रोल रूम बनाए जायेंगे। उन्होने बताया कि मेला के दौरान पुलिस हेल्पलाईन नंबर 94792-20392 सक्रिय रहेगा जिस पर शिकायत की जा सकती है।सात जगहों पर दमकल वाहन तैनात किए जाएंगे। ट्रेफिक व्यवस्था हेतु पर्याप्त टीम लगाई जाएगी।

बैठक में मेला आयोजन समिति के सदस्य सहित सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुश्री दीप्ति गौते, अवध राम टंडन एवं विभागीय अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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सहायक शिक्षकों ने भरी हुंकार: बलौदाबाजार में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%82/ Sun, 18 Jan 2026 00:14:14 +0000 https://drsnews.in/?p=2667

दिले राम सेन।बलौदाबाजार–भाटापारा। छत्तीसगढ़ के सहायक शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले जिला इकाई बलौदाबाजार–भाटापारा ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।

​शिक्षकों की ‘पीड़ा’ और चार प्रमुख मांगें

​जिलाध्यक्ष मुरीत श्रीवास के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में फेडरेशन ने शिक्षकों की आर्थिक और मानसिक परेशानियों का हवाला देते हुए शासन के सामने चार मुख्य शर्तें रखी हैं:

  1. वेतन विसंगति का अंत (मोदी की गारंटी): फेडरेशन की मांग है कि चुनाव पूर्व किए गए वादों के अनुरूप सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कर उन्हें उन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए।
  2. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना: एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों की सेवा की गणना उनकी प्रथम ज्वाइनिंग तिथि से की जाए, ताकि उन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे समस्त शासकीय लाभ मिल सकें।
  3. TET की अनिवार्यता समाप्त हो: पदोन्नति और अन्य प्रक्रियाओं में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता को खत्म करने की मांग की गई है।
  4. ऑनलाइन उपस्थिति (VSK ऐप) का विरोध: शिक्षकों ने निजी मोबाइल से VSK ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता पर आपत्ति जताई है और इस तकनीकी बाध्यता को खत्म करने की अपील की है।

​”शिक्षा की रीढ़ की अनदेखी बर्दाश्त नहीं”

​ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कड़े स्वर में कहा कि सहायक शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी इकाई हैं। इसके बावजूद, वर्षों से उनकी जायज मांगों को अनसुना किया जा रहा है।

​”हम सरकार से केवल अपना हक मांग रहे हैं। यदि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।” – फेडरेशन प्रतिनिधिमंडल

​भारी संख्या में जुटे शिक्षक प्रतिनिधि

​इस दौरान जिला संयोजक संजय कुमार यादव, जिला सचिव तुलसीचरण जायसवाल समेत ब्लॉक अध्यक्षों, महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एकता का परिचय दिया।

​अब सबकी नजरें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह ‘मोदी की गारंटी’ और शिक्षकों के सम्मान के बीच सामंजस्य बिठाकर इस विवाद का समाधान निकाल पाती है या प्रदेश में एक बार फिर शैक्षणिक कार्यों में गतिरोध की स्थिति निर्मित होगी।

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“जांच या छलावा? 15 साल से पलारी थाने में ‘कैद’ हैं शिक्षाकर्मी भर्ती की फाइलें!” https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be-15-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-2/ Thu, 15 Jan 2026 23:43:07 +0000 https://drsnews.in/?p=2657 दिले राम सेन। पलारी पुलिस की फाइलों में कैद है 2007 की भर्ती का सच; RTI को ढाल बनाकर क्या सच छिपा रहा प्रशासन?

बलौदाबाजार | कहते हैं “न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है,” लेकिन बलौदाबाजार जिले के पलारी थाने में यह कहावत हकीकत बन चुकी है। जनपद पंचायत पलारी में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की भर्ती का भविष्य पिछले 15 सालों से थाने के मालखाने में धूल फांक रहा है। 2011 में ‘जांच’ के नाम पर जब्त किए गए मूल दस्तावेज आज 2026 बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटे हैं।

जांच या दस्तावेजों की ‘अघोषित कैद’?

​नियमतः नियुक्तियों से जुड़े मूल दस्तावेज जनपद पंचायत (CEO कार्यालय) की कस्टडी में होने चाहिए। लेकिन 2011 में पलारी पुलिस इन दस्तावेजों को यह कहकर ले गई कि इनकी जांच की जानी है।

  • हैरानी की बात: 15 साल बीत गए, लेकिन पुलिस आज तक यह तय नहीं कर पाई कि भर्ती में गड़बड़ी हुई थी या नहीं।
  • बड़ा सवाल: क्या डेढ़ दशक का समय एक भर्ती प्रक्रिया की जांच पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है? या फिर ‘जांच’ केवल दस्तावेजों को दबाए रखने का एक बहाना है?

RTI: जब सूचना के अधिकार का ही ‘अधिकार’ छीन लिया गया

इस मामले में पारदर्शिता लाने की कोशिशों को भी तकनीकी दांव-पेंचों से दबाया जा रहा है। जब जागरूक नागरिकों ने RTI के जरिए समस्त शिक्षकों  की दस्तावेज  की मांग की गई थी तो उसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि सूचना देने से “अन्वेषण (Investigation) प्रभावित होगा।”

तार्किक सवाल: जो जांच 15 साल में रेंगते हुए भी मंजिल तक नहीं पहुँची, वह एक सूचना देने से कैसे पटरी से उतर सकती है? धारा 8(झ) का हवाला देना अब पुलिस और प्रशासन के लिए एक ‘सुरक्षित ढाल’ बन गया है।

तारीख-पर-तारीख: तंत्र की सुस्ती का नमूना

​अपीलार्थी न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन प्रशासन कभी धारा 144, कभी आगजनी तो कभी कानून व्यवस्था का हवाला देकर सुनवाइयां टालता रहा। अब इस मामले की अगली उम्मीद ‘राज्य सूचना आयोग’ नवा रायपुर पर टिकी है।

  • प्रकरण क्रमांक: A/5199/2024
  • अगली सुनवाई: 06 मई 2027

(सोचिए, एक RTI की अपील की सुनवाई के लिए भी साल भर बाद की तारीख दी जा रही है।)

सिस्टम से सीधे सवाल:

  1. जवाबदेही किसकी? क्या गृह विभाग या जिला प्रशासन ने कभी पलारी पुलिस से पूछा कि 15 साल से यह जांच ठंडे बस्ते में क्यों है?
  2. दोषी कौन? यदि भर्ती में भ्रष्टाचार हुआ था, तो अब तक चालान पेश क्यों नहीं हुआ? और यदि सब सही था, तो दस्तावेज जब्त क्यों रखे गए हैं?
  3. भविष्य का क्या? उन युवाओं का क्या, जिनका करियर और हक इन बंद फाइलों में सिमट कर रह गया है?

​यह मामला सिर्फ फाइलों के गुम होने का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख का है। पलारी थाने की यह कार्यप्रणाली न केवल पुलिस की छवि धूमिल कर रही है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंकाओं को भी पुख्ता कर रही है। यदि राज्य सूचना आयोग इस पर सख्त रुख नहीं अपनाता, तो “सूचना का अधिकार” महज एक कागजी शेर बनकर रह जाएगा।

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बिलासपुर: अशोक वाटिका में गूंजा विप्र एकता का शंखनाद, संक्रांति महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/ Thu, 15 Jan 2026 23:32:45 +0000 https://drsnews.in/?p=2655

दिले राम सेन। बिलासपुर। विप्र युवा मंच, छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज (खारंग परिक्षेत्र) के तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य ‘स्नेह सम्मेलन एवं सामाजिक परिचर्चा’ का आयोजन किया गया। अशोक नगर स्थित ‘अशोक वाटिका’ में आयोजित इस महोत्सव में क्षेत्र के समस्त विप्र समाज ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।

सामाजिक उत्थान पर गहन मंथन

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बौद्धिक परिचर्चा रही, जिसका विषय “वर्तमान परिदृश्य में छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज की भूमिका और उसका भविष्य” था। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

  • प्रमुख वक्ता: श्रीमती रश्मि द्विवेदी, डॉ. विनोद तिवारी, श्रीमती अनामिका तिवारी, डॉ. प्रदीप शुक्ला, राजकुमार तिवारी, विवेक दुबे, गीता तिवारी, प्रणव शर्मा और ब्रजेश शास्त्री ने अपने विचार साझा किए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने जताया पूर्ण सहयोग

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने समाज को संबोधित करते हुए कहा, “समाज का जो भी आदेश होगा, उसे पूरा करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूं। सामाजिक विकास के लिए जिस भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, उसे मैं प्राथमिकता से पूर्ण करूंगा।”

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का संकल्प

​सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए ठोस निर्णय भी लिए गए। उपस्थित विप्रजनों ने संकल्प लिया कि जन सहयोग के माध्यम से समाज के लिए निम्नलिखित सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा:

  • एम्बुलेंस एवं शव वाहन की व्यवस्था।
  • सामाजिक भवन का निर्माण।
  • डेड बॉडी फ्रीजर जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।

इन गांवों की रही सक्रिय सहभागिता

​खारंग परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, सरकंडा, बिरकोना, बैमा, नगोई, खैरा, उर्तुम, कोनी, सेमरताल, सेंदरी, गतौरी, जलसो, भरारी, चुमकवां, मोहतराई, सिंघरी, लखराम, अकलतरी, बाम्हू, सेलर, पौंसरा, गढ़वट और टेकर सहित पूरे क्षेत्र के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भजन और भोजन प्रसादी का आनंद

​बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ कार्यक्रम में भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। अंत में सभी ने सामूहिक ‘भोजन प्रसादी’ ग्रहण कर आपसी स्नेह साझा किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लोकेशधर दीवान ने किया एवं आभार प्रदर्शन ब्रजेश शास्त्री द्वारा किया गया।

​अशोक वाटिका के संचालक अमित दुबे का इस भव्य आयोजन को सफल बनाने और निःशुल्क भवन उपलब्ध कराने में विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति के हरीश शर्मा, ब्रजेश शास्त्री, आलोक रंजन पाण्डेय, सृजन शर्मा, प्रदीप पाण्डेय, सुरेन्द्र गौरहा और विवेक दुबे ने इस सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के समस्त विप्रजनों का आभार व्यक्त किया है।

बिलासपुर। विप्र युवा मंच, छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज (खारंग परिक्षेत्र) के तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भव्य ‘स्नेह सम्मेलन एवं सामाजिक परिचर्चा’ का आयोजन किया गया। अशोक नगर स्थित ‘अशोक वाटिका’ में आयोजित इस महोत्सव में क्षेत्र के समस्त विप्र समाज ने एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया।

सामाजिक उत्थान पर गहन मंथन

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बौद्धिक परिचर्चा रही, जिसका विषय “वर्तमान परिदृश्य में छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण ब्राह्मण समाज की भूमिका और उसका भविष्य” था। इस दौरान वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

  • प्रमुख वक्ता: श्रीमती रश्मि द्विवेदी, डॉ. विनोद तिवारी, श्रीमती अनामिका तिवारी, डॉ. प्रदीप शुक्ला, राजकुमार तिवारी, विवेक दुबे, गीता तिवारी, प्रणव शर्मा और ब्रजेश शास्त्री ने अपने विचार साझा किए।

विधायक सुशांत शुक्ला ने जताया पूर्ण सहयोग

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने समाज को संबोधित करते हुए कहा, “समाज का जो भी आदेश होगा, उसे पूरा करने के लिए मैं सदैव तत्पर हूं। सामाजिक विकास के लिए जिस भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता होगी, उसे मैं प्राथमिकता से पूर्ण करूंगा।”

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का संकल्प

​सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि समाज की बेहतरी के लिए ठोस निर्णय भी लिए गए। उपस्थित विप्रजनों ने संकल्प लिया कि जन सहयोग के माध्यम से समाज के लिए निम्नलिखित सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा:

  • एम्बुलेंस एवं शव वाहन की व्यवस्था।
  • सामाजिक भवन का निर्माण।
  • डेड बॉडी फ्रीजर जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।

इन गांवों की रही सक्रिय सहभागिता

​खारंग परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, सरकंडा, बिरकोना, बैमा, नगोई, खैरा, उर्तुम, कोनी, सेमरताल, सेंदरी, गतौरी, जलसो, भरारी, चुमकवां, मोहतराई, सिंघरी, लखराम, अकलतरी, बाम्हू, सेलर, पौंसरा, गढ़वट और टेकर सहित पूरे क्षेत्र के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए।

भजन और भोजन प्रसादी का आनंद

​बौद्धिक विमर्श के साथ-साथ कार्यक्रम में भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। अंत में सभी ने सामूहिक ‘भोजन प्रसादी’ ग्रहण कर आपसी स्नेह साझा किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लोकेशधर दीवान ने किया एवं आभार प्रदर्शन ब्रजेश शास्त्री द्वारा किया गया।

​अशोक वाटिका के संचालक अमित दुबे का इस भव्य आयोजन को सफल बनाने और निःशुल्क भवन उपलब्ध कराने में विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति के हरीश शर्मा, ब्रजेश शास्त्री, आलोक रंजन पाण्डेय, सृजन शर्मा, प्रदीप पाण्डेय, सुरेन्द्र गौरहा और विवेक दुबे ने इस सफल आयोजन के लिए क्षेत्र के समस्त विप्रजनों का आभार व्यक्त किया है।

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ग्राम अर्जुनी में मां शाकंभरी महोत्सव की धूम: शिक्षा और नशामुक्त समाज से ही होगा उत्थान – बरत राम पटेल https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%95/ Thu, 15 Jan 2026 23:26:55 +0000 https://drsnews.in/?p=2651

दिले राम सेन। महासमुंद। सिरपुर महा समिति मरार संघ के अंतर्गत अर्जुनी (ब) परिक्षेत्र में मां शाकंभरी अवतरण दिवस का भव्य आयोजन ग्राम अर्जुनी में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मरार महा संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष बरत राम पटेल शामिल हुए। उन्होंने समाज को एकजुटता और प्रगति का संदेश देते हुए शिक्षा की महत्ता पर विशेष जोर दिया।

कलश यात्रा से गुंजायमान हुआ गांव

​उत्सव का शुभारंभ मां शाकंभरी की विधिवत पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल हुईं। कलश यात्रा के दौरान ग्राम भ्रमण कर भक्तिमय वातावरण निर्मित किया गया।

सामाजिक जागरूकता और विकास पर जोर

​सभा को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष बरत राम पटेल ने कहा:

​”समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा अनिवार्य है। हमें नशामुक्त जीवन अपनाकर परिश्रम और ईमानदारी के मार्ग पर चलना होगा, तभी हम आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।”

​उन्होंने मरार महा संघ के गठन के उद्देश्यों और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। ग्रामीणों के लिए यह पहला अवसर था जब महासंघ के किसी शीर्ष पदाधिकारी ने जमीनी स्तर पर संगठन के विचारों से उन्हें अवगत कराया।

अर्जुनी में बनेगा मंगल भवन

​कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य गायत्री बरिहा ने मरार समाज की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज अपनी मेहनत से देश के विकास में योगदान देता है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर ग्राम अर्जुनी में मंगल भवन निर्माण कराने की घोषणा की, जिससे समाज में हर्ष की लहर है।

गरिमामय उपस्थिति

​समारोह को सफल बनाने में परिक्षेत्र अध्यक्ष होरी लाल पटेल, रामनारायण पटेल, चित्रगंगा पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में:

  • महिला प्रतिनिधि: गौरी बाई, ललिता बाई, परदेश बाई, उमा देवी, तिरत बाई, रूखमणी पटेल।
  • प्रमुख सदस्य: प्रभु निषाद, रामदयाल ध्रुव, चंद्रिका प्रसाद, तुलसी पटेल, मुन्ना लाल, सुखदायल, फणिदेव, अशोक और नेमि चंद।

​इस आयोजन में न केवल मरार समाज, बल्कि अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।

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“जांच या छलावा? 15 साल से पलारी थाने में ‘कैद’ हैं शिक्षाकर्मी भर्ती की फाइलें!” https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be-15-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/ Thu, 15 Jan 2026 04:48:46 +0000 https://drsnews.in/?p=2642 पलारी पुलिस की फाइलों में कैद है 2007 की भर्ती का सच; RTI को ढाल बनाकर क्या सच छिपा रहा प्रशासन?

बलौदाबाजार | कहते हैं “न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है,” लेकिन बलौदाबाजार जिले के पलारी थाने में यह कहावत हकीकत बन चुकी है। जनपद पंचायत पलारी में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की भर्ती का भविष्य पिछले 15 सालों से थाने के मालखाने में धूल फांक रहा है। 2011 में ‘जांच’ के नाम पर जब्त किए गए मूल दस्तावेज आज 2026 बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटे हैं।

जांच या दस्तावेजों की ‘अघोषित कैद’?

​नियमतः नियुक्तियों से जुड़े मूल दस्तावेज जनपद पंचायत (CEO कार्यालय) की कस्टडी में होने चाहिए। लेकिन 2011 में पलारी पुलिस इन दस्तावेजों को यह कहकर ले गई कि इनकी जांच की जानी है।

  • हैरानी की बात: 15 साल बीत गए, लेकिन पुलिस आज तक यह तय नहीं कर पाई कि भर्ती में गड़बड़ी हुई थी या नहीं।
  • बड़ा सवाल: क्या डेढ़ दशक का समय एक भर्ती प्रक्रिया की जांच पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है? या फिर ‘जांच’ केवल दस्तावेजों को दबाए रखने का एक बहाना है?

RTI: जब सूचना के अधिकार का ही ‘अधिकार’ छीन लिया गया

इस मामले में पारदर्शिता लाने की कोशिशों को भी तकनीकी दांव-पेंचों से दबाया जा रहा है। जब जागरूक नागरिकों ने RTI के जरिए समस्त शिक्षकों  की दस्तावेज  की मांग की गई थी तो उसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि सूचना देने से “अन्वेषण (Investigation) प्रभावित होगा।”

तार्किक सवाल: जो जांच 15 साल में रेंगते हुए भी मंजिल तक नहीं पहुँची, वह एक सूचना देने से कैसे पटरी से उतर सकती है? धारा 8(झ) का हवाला देना अब पुलिस और प्रशासन के लिए एक ‘सुरक्षित ढाल’ बन गया है।

तारीख-पर-तारीख: तंत्र की सुस्ती का नमूना

​अपीलार्थी न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन प्रशासन कभी धारा 144, कभी आगजनी तो कभी कानून व्यवस्था का हवाला देकर सुनवाइयां टालता रहा। अब इस मामले की अगली उम्मीद ‘राज्य सूचना आयोग’ नवा रायपुर पर टिकी है।

  • प्रकरण क्रमांक: A/5199/2024
  • अगली सुनवाई: 06 मई 2027

(सोचिए, एक RTI की अपील की सुनवाई के लिए भी साल भर बाद की तारीख दी जा रही है।)

सिस्टम से सीधे सवाल:

  1. जवाबदेही किसकी? क्या गृह विभाग या जिला प्रशासन ने कभी पलारी पुलिस से पूछा कि 15 साल से यह जांच ठंडे बस्ते में क्यों है?
  2. दोषी कौन? यदि भर्ती में भ्रष्टाचार हुआ था, तो अब तक चालान पेश क्यों नहीं हुआ? और यदि सब सही था, तो दस्तावेज जब्त क्यों रखे गए हैं?
  3. भविष्य का क्या? उन युवाओं का क्या, जिनका करियर और हक इन बंद फाइलों में सिमट कर रह गया है?

निष्कर्ष

​यह मामला सिर्फ फाइलों के गुम होने का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख का है। पलारी थाने की यह कार्यप्रणाली न केवल पुलिस की छवि धूमिल कर रही है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंकाओं को भी पुख्ता कर रही है। यदि राज्य सूचना आयोग इस पर सख्त रुख नहीं अपनाता, तो “सूचना का अधिकार” महज एक कागजी शेर बनकर रह जाएगा।

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“दो बूंद जिंदगी” के साथ राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान,,,,22 एवं 23 दिसंबर 2025 को मनाया जाएगा मॉप-अप दिवस https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b0%e0%a4%be/ Mon, 22 Dec 2025 03:44:19 +0000 https://drsnews.in/?p=2518

महेश्वर जायसवाल। बलौदाबाजार, 21 दिसंबर 2025/राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण शुभारंभ जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में किया गया। अभियान की शुरुआत नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन द्वारा नवजात एवं शिशुओं को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर की गई।

इस अवसर पर अशोक जैन ने कहा कि “दो बूंद जिंदगी” हर बच्चे के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। 0 से 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे, यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों को पोलियो बूथों तक लाकर जागरूकता और जनसहभागिता का परिचय दिया।अभियान का संचालन जिले कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के निर्देशन में किया जा रहा है

अभियान के प्रथम दिवस बच्चों को पोलियो बूथों पर दवा पिलाई गई जबकि 22 एवं 23 दिसंबर 2025 को मॉप-अप दिवस के रूप में घर-घर भ्रमण कर शेष बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी।जिले में कुल 180681 बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें विकासखण्ड बलौदाबाजार में 41821, भाटापारा में 34045, कसडोल में 36455, पलारी में 33858 तथा सिमगा में 34502 बच्चे शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को दी श्रद्धांजलि, सोनाखान में हुए कई कार्यक्रम https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%a8/ Thu, 11 Dec 2025 01:29:10 +0000 https://drsnews.in/?p=2471

महेश्वर जायसवाल। बलौदाबाजार, 10 दिसम्बर 2025।छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उनकी जन्मभूमि एवं कर्मभूमि सोनाखान पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा शहीद वीर नारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया और यहां संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों तथा पुरावशेषों की जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

श्रद्धांजलि समारोह में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, टंक राम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ. सनम जांगड़े, सोनाखान के सरपंच गजानंद पटेल, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान, कलेक्टर दीपक सोनी तथा पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस दिखाया। 10 दिसम्बर 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक में उन्हें फांसी दी गई थी। वे छत्तीसगढ़ के पहले क्रांतिकारी शहीद होने का गौरव रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से यहां चरणबद्ध तरीके से विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सोनाखान को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में शहीद वीर नारायण सिंह के अदम्य साहस, बलिदान और देशप्रेम को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

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ग्राम बोरसी में सेल्समैन की लापरवाही पर ग्रामीणों में रोष, तीन माह से खाद्यान्न वितरण में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप https://drsnews.in/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8-2/ Mon, 01 Dec 2025 13:12:01 +0000 https://drsnews.in/?p=2407

कसडोल, बलौदाबाजार। ग्राम पंचायत बोरसी में पदस्थ सेल्समैन देव कुमार यादव पर गंभीर लापरवाही और अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सेल्समैन पिछले तीन महीनों से प्रति राशन कार्ड 3 किलो चावल की हेराफेरी कर रहा है। ग्राम में लगभग 600 राशन कार्ड होने के कारण प्रति माह लगभग 1800 किलो चावल की कथित गड़बड़ी का मामला जुड़ रहा है।

आवेदक उत्तम कुमार पटेल, निवासी ग्राम बकला, ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी, कसडोल को शिकायत पत्र प्रस्तुत किया है। पटेल ने बताया कि सेल्समैन कार्य दिवस में नशे की हालत में पाया जाता है और उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार भी करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत मंडी अधिकारियों को मौखिक रूप से कई बार की गई, परंतु किसी प्रकार की कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। आरोप है कि लापरवाही और मिलीभगत के चलते हेराफेरी का सिलसिला लगातार जारी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर सेल्समैन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे सभी कार्डधारियों को न्याय मिल सके और खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

आवेदक उत्तम कुमार पटेल ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामवासियों के साथ मिलकर आगे की कड़ी पहल की जाएगी।

यह मामला ग्राम के हित और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़ा होने के कारण ग्रामीणों में व्यापक चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है। प्रशासन की कार्रवाई अब इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

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