DRS News https://drsnews.in DRS News Portal Mon, 01 Jun 2026 14:56:08 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://drsnews.in/wp-content/uploads/2025/09/cropped-WhatsApp-Image-2025-09-18-at-4.18.44-PM-32x32.jpeg DRS News https://drsnews.in 32 32 नायब तहसीलदार से मारपीट का मामला गरमाया: तहसीलदारों के समर्थन में उतरा पटवारी संघ, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ac-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%95/ Mon, 01 Jun 2026 14:53:53 +0000 https://drsnews.in/?p=3086

दिले राम सेन।बलौदा बाजार, 1 जून 2026।सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील (उपतहसील राजापुर) में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान हुई मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला अब पूरे प्रदेश में तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में जहां कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है, वहीं अब प्रशासन की रीढ़ कहे जाने वाले राजस्व पटवारी संघ ने भी इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दे दिया है।

​सोमवार को राजस्व पटवारी संघ जिला बलौदा बाजार-भाटापारा द्वारा प्रांतीय निर्देशानुसार राजस्व मंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया। पटवारी संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे भी किसी भी वक्त अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

​शासकीय सेवक पर हमला घोर निंदनीय: पटवारी संघ

​पटवारी संघ के संभाग अध्यक्ष भावेश वर्मा एवं जिला अध्यक्ष रसपाल सिंह ने संयुक्त बयान में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा:

​”एक शासकीय सेवक के साथ ड्यूटी के दौरान जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों द्वारा मारपीट व दुर्व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और घोर निंदनीय है। इससे शासकीय कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। हमने कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों पर तत्काल कड़े कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।”

​…तो ठप हो जाएगा राजस्व विभाग, किसानों पर पड़ेगा सीधा असर

​पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय खेती-किसानी का है, जो किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तहसीलदारों की हड़ताल के बाद यदि पटवारी संघ भी काम बंद कर हड़ताल पर चला जाता है, तो राजस्व विभाग का पूरा कामकाज पूरी तरह ठप हो जाएगा। इसका सीधा असर आम जनता और खासकर किसानों पर पड़ेगा। हड़ताल की स्थिति में:

  • ​फौती, नामांतरण और बंटवारा के मामले अटक जाएंगे।
  • ​सीमांकन का कार्य रुक जाएगा।
  • ​छात्र-छात्राओं और आम लोगों के लिए जरूरी आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनने बंद हो जाएंगे।

​ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित

​कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से संभाग अध्यक्ष भावेश वर्मा, जिला अध्यक्ष रसपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष विजय डहरिया, मनेश मांडवी, आसिफ अली, टीकाराम यादव, नरेंद्र वर्मा, बीरेन्द्र दिवान, संदीप पैकरा, प्रभात वर्मा, सुशील ध्रुव एवं दुर्गेश वर्मा सहित संघ के कई प्रमुख सदस्य और पटवारी उपस्थित रहे।

पृष्ठभूमि:

गौरतलब है कि बीते 27 मई 2026 को सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। इसके विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायाब तहसीलदार 1 जून से तब तक के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं, जब तक कि इस घटना में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती।

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रक्तदान जागरूकता पखवाड़े का शंखनाद: सक्षम छत्तीसगढ़ ने गूगल मीट से प्रदेशभर में जगाई अलख https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%96%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87/ Mon, 01 Jun 2026 13:51:42 +0000 https://drsnews.in/?p=3083 रायपुर, 1 जून 2026।“खून से खून का रिश्ता जोड़ें, जीवन बचाने का संकल्प ओढ़ें” के प्रेरक संदेश के साथ छत्तीसगढ़ में रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और नए रक्तदाताओं को जोड़ने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत हो चुकी है। समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) छत्तीसगढ़ के प्राणदा (रक्तदान) प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित “रक्तदान संकल्प एवं जागरूकता पखवाड़ा” का भव्य ऑनलाइन शुभारंभ रविवार, 31 मई की रात गूगल मीट के माध्यम से किया गया। 1 जून से 14 जून 2026 तक चलने वाले इस पखवाड़े के उद्घाटन सत्र में प्रदेश के सभी जिलों से सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं, रक्तदाताओं, सक्षम पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।

​कार्यक्रम की शुरुआत कोरबा जिला कोषाध्यक्ष मेशराम पटेल द्वारा संगठन मंत्रोच्चार के साथ की गई।

​रक्तदान मानव जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम: डॉ. राजेश अवस्थी

​उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सक्षम छत्तीसगढ़ के प्रांत उपाध्यक्ष एवं बलौदा बाजार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने युवाओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि मानव जीवन को बचाने का सबसे पवित्र माध्यम है। उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों को नई उम्मीद दे सकता है।

​भ्रांतियां दूर कर नियमित रक्तदान के स्वास्थ्य लाभों को समझें: डॉ. सत्यनारायण शर्मा

​विशिष्ट अतिथि और डीके हॉस्पिटल रायपुर ब्लड बैंक के प्रभारी व प्रांत सविता प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. सत्यनारायण शर्मा ने रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर दूर किया। उन्होंने कहा कि आज भी समय पर रक्त न मिलने से कई मरीजों को कठिनाई होती है। नियमित रक्तदान करने से न केवल दूसरों की जान बचती है, बल्कि खुद रक्तदाता के स्वास्थ्य को भी बेहतरीन लाभ मिलते हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कार्यकर्ताओं द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।

​सेवा और संवेदना का श्रेष्ठ उदाहरण है रक्तदान: अंजली चावड़ा

​कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सक्षम छत्तीसगढ़ की प्रांत सह सचिव श्रीमती अंजली चावड़ा ने संगठन का परिचय देते हुए बताया कि ‘सक्षम’ देश और प्रदेश में दिव्यांगजनों व समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने रक्तदान को सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सबसे श्रेष्ठ उदाहरण बताया।

​1 से 14 जून तक भराए जाएंगे ऑनलाइन संकल्प पत्र

​प्रांत प्राणदा प्रकोष्ठ प्रमुख श्री लोकनाथ सेन ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए पखवाड़े की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि:

  • ऑनलाइन संकल्प पत्र: 1 जून से 14 जून तक पूरे प्रदेश में नए और नियमित रक्तदाताओं से ऑनलाइन संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे।
  • 3 महीने का लक्ष्य: नए रक्तदाताओं को आगामी तीन माह के भीतर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • जागरूकता अभियान: इस दौरान सोशल मीडिया जनसंपर्क, रक्त विकारों से संबंधित ऑनलाइन मार्गदर्शन और रक्तदाताओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
  • विश्व रक्तदाता दिवस (14 जून): इस दिन एक विशेष ऑनलाइन गोष्ठी होगी, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक सिकल सेल, थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसे गंभीर विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

​अक्टूबर में कोरबा में होगा महा-समारोह

​बैठक में घोषणा की गई कि इस पखवाड़े के दौरान संकल्प लेने वाले और तय समय सीमा में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को 1 अक्टूबर 2026 को कोरबा में आयोजित होने वाले ‘रक्तदाता सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ में प्रांतीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर के उत्कृष्ट रक्तदाताओं और सामाजिक संगठनों को मंच दिया जाएगा।

कल्याण मंत्र के साथ समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया। अंत में सारंगढ़ जिला संयोजक सरिता सिदार द्वारा कल्याण मंत्र के पाठ के साथ इस गरिमामयी और ऊर्जावान कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान सक्षम के सभी प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी व रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता प्रमुख रूप से जुड़े रहे।

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छत्तीसगढ़ उपचुनाव: कसडोल के ग्राम ‘कोट’ में टूटा चुनाव बहिष्कार का सिलसिला, चुनावी रंग में रंगा गांव, प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2/ Sat, 30 May 2026 03:09:23 +0000 https://drsnews.in/?p=3080

सुरेश कुमार मिरी। कसडोल छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने के बाद अब चुनावी रणभेरी बज चुकी है। इस पूरे उपचुनाव में बलौदाबाजार जिले के कसडोल जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत ‘कोट’ (क) सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। वजह है— यहाँ के ग्रामीणों का बदला हुआ रुख। जिस गांव ने कभी चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया था, आज वहां लोकतंत्र का उत्सव अपने पूरे शबाब पर है।

​ कभी किया था पूर्ण बहिष्कार, अब चुनावी रंग में रंगा गांव

ग्राम पंचायत कोट(क) पिछले कुछ समय से स्थानीय राजनीति का केंद्र बना हुआ है। बीते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं और मांगों को लेकर चुनाव का पूर्ण बहिष्कार कर दिया था। उस वक्त ग्रामीणों की नाराजगी के आगे राजनीतिक दल और प्रत्याशी बेबस नजर आए थे।

​लेकिन इस उपचुनाव में तस्वीर 180 डिग्री बदल चुकी है। बहिष्कार की राह छोड़ ग्रामीणों ने इस बार लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा भरोसा जताया है। ग्रामीण न केवल चुनाव का स्वागत कर रहे हैं, बल्कि चुनावी गतिविधियों में खुलकर हिस्सा भी ले रहे हैं।

​‍♂ सोमवार से थमा नहीं प्रचार का पहिया, घर-घर दस्तक दे रहे प्रत्याशी

​जब से प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित हुए हैं, तब से गांव की गलियां चुनावी नारों से गूंज रही हैं।

  • धुआंधार जनसंपर्क: प्रत्याशी और उनके समर्थक सुबह की पहली किरण से लेकर देर रात तक घर-घर जाकर मतदाताओं से आशीर्वाद ले रहे हैं।
  • ग्रामीणों का उत्साह: बहिष्कार का फैसला पीछे छोड़ चुके ग्रामीण अब प्रत्याशियों की बातें सुन रहे हैं, उनके वादों को तौल रहे हैं और गांव के विकास के मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं।
  • प्रत्याशियों के बड़े दावे: चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार भी ग्रामीणों को रिझाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। वे कोट ग्राम पंचायत की पुरानी और लंबित समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने का वादा कर रहे हैं।

​ अब पूरे कसडोल क्षेत्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं:

  1. ​ग्रामीणों का यह बदला हुआ रुख और उत्साह किस प्रत्याशी की किस्मत चमकाएगा?
  2. ​क्या बहिष्कार का इतिहास बदलने वाला यह गांव इस बार रिकॉर्ड तोड़ मतदान दर्ज कराएगा?
  3. ​इस दिलचस्प और त्रिकोणीय मुकाबले में जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा?

संवाददाता की रिपोर्ट

कोट गांव में फिलहाल चुनावी उत्साह अपने चरम पर है। यह तो आने वाला वक्त और मतगणना के नतीजे ही तय करेंगे कि जनता जनार्दन किसे अपनी पंचायत की कमान सौंपती है, लेकिन इस गांव ने बहिष्कार का रास्ता छोड़ चुनाव में शामिल होकर लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर जरूर पेश कर दी है।

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सारंगढ़-बिलाईगढ़: सरिता सिदार बनीं ‘संकल्प मंच’ की जिला संयोजक, गांव-गांव तक पहुंचेगा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का उजाला https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8/ Sat, 30 May 2026 02:05:47 +0000 https://drsnews.in/?p=3077

दिले राम सेन सारंगढ़-बिलाईगढ़।समाज सेवा और जन-जागरूकता के क्षेत्र में अग्रणी संस्था ‘संकल्प शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार मार्गदर्शन मंच, छत्तीसगढ़’ ने अपने सांगठनिक विस्तार की कड़ी में एक बड़ा निर्णय लिया है। संस्था द्वारा ब्लॉक बरमकेला के शासकीय प्राथमिक शाला खिचरी की प्रधान पाठक श्रीमती सरिता सिदार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का नया जिला संयोजक नियुक्त किया गया है।

​प्रदेश संयोजक लोकनाथ सेन ने उन्हें आधिकारिक नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उज्ज्वल सांगठनिक भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

“सूचना ही आज के समय की सबसे बड़ी शक्ति” : लोकनाथ सेन

​नियुक्ति के अवसर पर प्रदेश संयोजक लोकनाथ सेन ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में सही समय पर सही सूचना का मिलना सबसे कीमती शक्ति बन चुकी है। सही जानकारी के अभाव में आज भी कई प्रतिभावान युवा, छात्र और जरूरतमंद लोग बेहतरीन अवसरों से वंचित रह जाते हैं।

​”संकल्प मंच का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सही और सटीक जानकारियां पहुंचाना है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के हर जिले में एक ऐसी मजबूत और सक्रिय टीम खड़ी करना है, जो सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ा सके।”

— लोकनाथ सेन, प्रदेश संयोजक

​उन्होंने आगे बताया कि संस्था पूरे छत्तीसगढ़ में रक्तदान, सामाजिक सहयोग, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चला रही है। उन्हें पूरा विश्वास है कि सरिता सिदार के कुशल नेतृत्व में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में संगठन को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी।

गांव-गांव तक मार्गदर्शन पहुंचाना प्राथमिकता: सरिता सिदार

​अपनी इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर आभार व्यक्त करते हुए नवनियुक्त जिला संयोजक श्रीमती सरिता सिदार ने कहा:

​”संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर पूरी निष्ठा से खरी उतरने का प्रयास करूंगी। मेरा मुख्य लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मार्गदर्शन को केवल शहरों तक सीमित न रखकर जिले के गांव-गांव और वनांचलों तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी जरूरतमंद सही जानकारी से अछूता न रहे।”

आगामी दिनों में लगेंगे विशेष शिविर

​संकल्प मंच द्वारा आने वाले समय में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के युवाओं, महिलाओं और छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और रोजगार उन्मुखी अभियान चलाए जाएंगे। सरिता सिदार की इस नियुक्ति पर क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें: सेन संगवारी मंच की बैठक में गूंजा आत्मनिर्भरता का मंत्र https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%8c/ Mon, 25 May 2026 03:12:27 +0000 https://drsnews.in/?p=3074 दिले राम सेन।रायपुर: सेन संगवारी सामाजिक उत्थान मंच की द्वितीय वार्षिक बैठक संपन्न, आगामी वर्ष के लिए बनी सात सूत्रीय महायोजना सेन संगवारी सामाजिक उत्थान मंच द्वारा आयोजित द्वितीय वार्षिक कार्यकारिणी सह कार्ययोजना बैठक शनिवार, 23 मई 2026 को राजबंधा मैदान स्थित मायाराम सुरजन सभा कक्ष में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी सत्र 2026-27 के लिए समाज हित में एक व्यापक और ठोस कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया। बैठक में प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों, जिला संयोजकों, कार्यकारिणी सदस्यों और सामाजिक प्रतिनिधियों सहित कुल 52 प्रबुद्ध जनों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

सात समूहों में हुआ मंथन, समाज के सर्वांगीण विकास पर जोर

​कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के वरिष्ठजनों के आत्मीय स्वागत और परिचय सत्र के साथ हुआ। इसके बाद बैठक को पूरी तरह कार्य-केंद्रित बनाने के लिए उपस्थित सदस्यों को सात अलग-अलग विषय-आधारित समूहों में विभाजित किया गया। इन समूहों ने समाज की वर्तमान परिस्थितियों, आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जिला व राज्य स्तर के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया:

  • शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग।
  • स्वास्थ्य: जनहित में स्वास्थ्य शिविरों का विस्तृत आयोजन।
  • रोजगार एवं स्व-रोजगार: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और नए अवसर प्रदान करने पर विशेष बल।
  • नशामुक्ति: समाज को व्यसन मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान।
  • वैवाहिक गतिविधि व सम्मान समारोह: सामूहिक वैवाहिक आयोजनों को बढ़ावा देना।
  • रक्तदान: नियमित रक्तदान शिविरों के माध्यम से मानव सेवा।
  • विधिक जागरूकता: सामाजिक स्तर पर कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता।

​बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय केवल नौकरी खोजने का नहीं, बल्कि स्व-रोजगार और आपसी सामाजिक सहयोग के माध्यम से समाज को संगठित एवं आत्मनिर्भर बनाने का है।

मुख्य अतिथियों ने थपथपाई युवाओं की पीठ

​कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जन संपर्क विभाग के उप संचालक श्री राजेश श्रीवास उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएसपी (DSP) श्री ओम प्रकाश सेन, श्री मुलेश्वर श्रीवास, श्री बसंत श्रीवास एवं श्री विजय सेन ने मंच की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री परमानंद सेन द्वारा की गई।

​”संगठित प्रयासों और सही दिशा में किए गए कार्यों से समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। सेन संगवारी मंच द्वारा तैयार की गई आगामी वर्ष की यह कार्ययोजना समाज के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।”

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट जन

संकल्प के साथ हुआ समापन

​सभी अतिथियों और प्रबुद्ध वक्ताओं ने सेन संगवारी सामाजिक उत्थान मंच के युवाओं और पदाधिकारियों की इस ऊर्जावान सक्रियता की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बैठक का समापन बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहाँ सभी उपस्थित सदस्यों ने समाज हित में निरंतर, बिना थके कार्य करते रहने का सामूहिक संकल्प लिया।

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श्मशान घाट की जमीन पर ‘फर्जी’ कब्जा: पटवारी को बर्खास्त करने की मांग, शासन के निर्देश पर भी सोनाखान तहसील में नहीं खुली फाइल https://drsnews.in/word-press/3069/ Sat, 23 May 2026 03:20:40 +0000 https://drsnews.in/?p=3069

दिले राम सेन| बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़) 23 मई 2026 छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के सोनाखान तहसील से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों के अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित श्मशान घाट की सरकारी जमीन को ‘फर्जी’ तरीके से किसी निजी व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया। इस भू-घोटाले को लेकर अब ग्राम कमलीदादर के ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा है। ग्राम तिलकपुर निवासी सजग नागरिक लव कुमार पटेल ने राजस्व विभाग के आला अधिकारियों पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का संगीन आरोप लगाते हुए संबंधित हल्का पटवारी को तत्काल सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है।

​इस पूरे मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर दोषियों को बचाने और मामले को दबाने की कोशिशें उजागर हुईं।

क्या है पूरा मामला?

​शिकायतकर्ता लव कुमार पटेल के अनुसार, यह पूरा विवाद सोनाखान तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कमलीदादर के निस्तार पत्रक में दर्ज श्मशान घाट की शासकीय भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि भू-अभिलेखों में हेरफेर कर इस पवित्र और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को गलत तरीके से एक निजी व्यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया गया।

​मामले की क्रोनोलॉजी कुछ इस प्रकार है:

  • 10 सितंबर 2022: आवेदक ने सबसे पहले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग की थी।
  • 23 जनवरी 2023: कोई कार्रवाई न होते देख आवेदक ने कलेक्टर बलौदाबाजार को पंजीकृत डाक के जरिए पत्र भेजकर दोषी पटवारी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की गुहार लगाई।
  • 19 जून 2025: जब सालों तक कोई सुनवाई नहीं हुई, तो आवेदक ने RTI (सूचना के अधिकार) का सहारा लिया।

RTI कानून की धज्जियां उड़ीं, तत्कालीन तहसीलदार पर आरोप

​मामले को दबाने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के नियमों को भी ताक पर रख दिया गया। आवेदक द्वारा लगाई गई RTI को धारा 6(3) के तहत तहसीलदार कसडोल को स्थानांतरित तो किया गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो कोई दस्तावेज दिए गए और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला।

“यह सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 7(1) का खुला उल्लंघन है। दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राजस्व विभाग के कुछ बड़े अधिकारी उन्हें खुला संरक्षण दे रहे हैं। तत्कालीन तहसीलदार सोनाखान और संबंधित हल्का पटवारी इस पूरे खेल के मुख्य सूत्रधार हैं।”

लव कुमार पटेल, आवेदक

शासन सख्त: अवर सचिव ने कलेक्टर को थमाया नोटिस

​लगातार मिल रही शिकायतों के बाद छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आखिरकार इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। 23 मार्च 2026 को विभाग की अवर सचिव लीना राकेश की ओर से कलेक्टर बलौदाबाजार को एक कड़ा पत्र जारी किया गया है।

​इस शासकीय आदेश में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि:

  1. ​इस गंभीर शिकायत का तत्काल निराकरण किया जाए।
  2. की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट से शासन (विभाग) और आवेदक दोनों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए।
  3. घटनाक्रम का विरोध निम्न है
  4. 10 सितंबर 2022 – राजस्व विभाग में पहली शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
    02,,23 जनवरी 2023 – कलेक्टर को पंजीकृत पत्र भेजा गया, फिर भी मामला आगे नहीं बढ़ा।
    03,,,,19 जून 2025 – RTI लगाकर जानकारी मांगी गई, लेकिन समय पर जवाब और दस्तावेज नहीं दिए गए।
    04,,,23 मार्च 2026 – छत्तीसगढ़ शासन ने कलेक्टर को पत्र भेजकर मामले की जांच और जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कमलीदादर के ग्रामीणों में आक्रोश, संयुक्त टीम से जांच की मांग

​शासन के पत्र के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल तो तेज हुई है, लेकिन जमीन पर अब भी ठोस कार्रवाई का इंतजार है। ग्राम कमलीदादर और आसपास के ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बुजुर्गों और पूर्वजों के अंतिम संस्कार की जगह को भी नहीं बख्शा गया।

​आवेदक और समस्त ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। उनकी मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक ‘संयुक्त स्वतंत्र टीम’ का गठन किया जाए, जो मौके पर जाकर तथ्यात्मक जांच करे। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक दोषी पटवारी की बर्खास्तगी और श्मशान घाट की भूमि दोबारा शासन के नाम दर्ज नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

​अब देखना यह है कि शासन के अल्टीमेटम के बाद बलौदाबाजार जिला प्रशासन इस भू-माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ पर क्या और कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

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युवाओं को मिला सफलता का मूल मंत्र: ‘एक साल की सही प्लानिंग और धैर्य से ही मिलेगी सरकारी नौकरी’ https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%82/ Sun, 17 May 2026 14:21:27 +0000 https://drsnews.in/?p=3067

विशेष करियर गाइडेंस कार्यक्रम में UPSC, CGPSC, बैंकिंग और SSC के अभ्यर्थियों को दिए गए सफलता के अचूक टिप्स

दिले राम सेन।भिलाई/रायपुर:प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और विद्यार्थियों को सही दिशा दिखाने के लिए एक विशेष “करियर गाइडेंस एवं UPSC/PSC तैयारी मार्गदर्शन कार्यक्रम” का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सही अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन, अनुशासन और सटीक रणनीति से अवगत कराना था।

​सफलता का मूल मंत्र: 1 वर्ष का मास्टर टाइमटेबल

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उमेन्द्र कौशिक ने UPSC और PSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की बारीकियों को साझा करते हुए कहा, “किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल अंधाधुंध पढ़ाई काफी नहीं है, बल्कि सही दिशा, निरंतरता (Consistency), धैर्य और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण हैं। एक साल की सही प्लानिंग आपकी सफलता का आधार बनती है।”

​उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए 12 महीनों का एक विस्तृत ‘स्टडी टाइमटेबल’ साझा किया, जो इस प्रकार है:

  • प्रथम 3 महीने (नींव मजबूत करने का चरण): शुरुआती तीन महीनों में विद्यार्थियों को NCERT पुस्तकों से अपना बेस मजबूत करना चाहिए। इतिहास, भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों को समझें। साथ ही, रोज अखबार पढ़ने और नोट्स बनाने की आदत डालें।
  • 4 से 6 महीने (स्टैंडर्ड बुक्स और उत्तर लेखन): इस चरण में मानक (Standard) पुस्तकों का अध्ययन शुरू करें। करंट अफेयर्स, साप्ताहिक रिवीजन और मुख्य परीक्षा के लिए ‘उत्तर लेखन अभ्यास’ (Answer Writing) पर विशेष ध्यान दें।
  • 7 से 9 महीने (प्रैक्टिस फेज): यह समय मॉक टेस्ट देने का है। प्रीलिम्स के प्रश्नों का अभ्यास करें, समय सीमा में पेपर हल करें और अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारें।
  • 10 से 12 महीने (फाइनल टच): अंतिम महीनों में कुछ भी नया पढ़ने से बचें। केवल फुल-लेंथ मॉक टेस्ट दें, पुराने प्रश्नपत्रों को हल करें और पढ़े हुए का लगातार रिवीजन करें।
  • दैनिक दिनचर्या का नियम: उमेन्द्र कौशिक ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन कम से कम 6 से 8 घंटे नियमित पढ़ाई करनी चाहिए। इसमें 1 घंटा करंट अफेयर्स और उत्तर लेखन के लिए अनिवार्य रूप से सुरक्षित होना चाहिए।

    ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा भी बदल सकते हैं अपनी तकदीर
    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूपेंद्र शंकर सेन ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में सही मार्गदर्शन की भूमिका सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा, “ग्रामीण या सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी भी यदि सही रणनीति और कड़ी मेहनत करें, तो वे निश्चित रूप से UPSC और PSC जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता का परचम लहरा सकते हैं।” उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करने और खुद पर भरोसा रखने की सलाह दी।
    समाज के विकास के लिए मार्गदर्शन जरूरी: परमानंद जी
    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परमानंद जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन से ही समाज व राष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने इस आयोजन को युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।
  • सफलता के 4 स्वर्णिम सूत्र:
  • Consistency (निरंतरता): पढ़ाई में एक भी दिन का गैप न होने दें।
  • सीमित सोशल मीडिया: भटकाव से बचें और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
  • गलतियों से सीखें: मॉक टेस्ट में होने वाली कमियों से घबराएं नहीं, उन्हें सुधारें।
  • रिवीजन: बिना रिवीजन के की गई पढ़ाई अधूरी मानी जाती है।

कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की शुभकामनाओं के साथ हुआ। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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शादी (समय) बदल रही है, सोच भी बदलनी होगी: माहवारी स्वच्छता पर रायपुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला संपन्न https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%9a-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%ac/ Thu, 14 May 2026 13:01:58 +0000 https://drsnews.in/?p=3064

दिले राम सेन।रायपुर: ‘समय बदल रहा है और इस बदलते समय के साथ हमें अपनी रूढ़िवादी सोच को भी बदलना होगा।’ यह सशक्त संदेश छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने देवेंद्र नगर स्थित बाला जी स्कूल में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान दिया।

यूनिसेफ (UNICEF) और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्कशॉप (11-12 मई 2026) का मुख्य उद्देश्य ‘माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन’ (MHM) के प्रति समाज में व्याप्त चुप्पी को तोड़ना और जागरूकता फैलाना था।

चुप्पी तोड़ना ही असली बदलाव: मुख्य अतिथि

​कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा ने समाज की विडंबना पर प्रहार करते हुए कहा कि माहवारी जैसे प्राकृतिक और महत्वपूर्ण विषय पर आज भी समाज में चुप्पी छाई रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चुप्पी को तोड़ना ही स्वस्थ समाज की नींव है।

अभियान का समापन मुख्यमंत्री की उपस्थिति में

​कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग की सराहना की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि:

​”माहवारी स्वच्छता के इस व्यापक अभियान का भव्य समापन 28 मई (विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस) को माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा।”

भ्रांतियों को दूर करने की पहल

​यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीमा कुमार ने कहा कि यह अभियान समाज में माहवारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की एक ठोस पहल है, ताकि इस विषय पर सहजता से संवाद हो सके। वहीं, व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया कि कैसे वे समाज के हर तबके तक पहुँचकर इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकते हैं।

कार्यशाला की मुख्य झलकियाँ

  • संकल्प और पोस्टर विमोचन: प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर शपथ दिलाई गई और जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया।
  • मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका: प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण दिया गया ताकि वे जमीनी स्तर पर बदलाव ला सकें।
  • बलोदा बाजार-भाटापारा की सहभागिता: इस वर्कशॉप में बलोदा बाजार जिले का प्रतिनिधित्व जिला संगठन आयुक्त (गाइड) नेहा उपाध्याय, जिला संगठन आयुक्त (स्काउट) सूरज कसार, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) रजनी कला पाटकर और गाइडर तुलसी वर्मा ने किया।

​यह कार्यशाला न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा को समाज की मुख्यधारा में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्काउट्स और गाइड्स के माध्यम से अब यह संदेश प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँचेगा।

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घटिया निर्माण की खुली पोल: आंधी में ताश के पत्तों की तरह ढहे 33kv के बिजली खंभे, कसडोल विद्युत विभाग पर उठे सवाल https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2/ Thu, 14 May 2026 05:26:48 +0000 https://drsnews.in/?p=3061

दिले राम सेन। कटगी/सेल | बुधवार रात आए सामान्य आंधी-तूफान ने कसडोल विद्युत विभाग के दावों और उनके द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। सेल से कटगी मार्ग पर मुख्य लाइन के लगभग 8 बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी गुणवत्ता?

​हैरानी की बात यह है कि खंभे सिर्फ गिरे नहीं, बल्कि गिरते ही तीन-तीन टुकड़ों में बिखर गए। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खंभों के इस तरह टूटने से साफ जाहिर होता है कि इनके निर्माण में मानक स्तर की सामग्री का उपयोग नहीं किया गया था।

ग्रामीणों का आक्रोश: “तूफान इतना भी भीषण नहीं था कि एक साथ इतने खंभे गिर जाएं। यह प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि विभाग का भ्रष्टाचार है। घटिया सीमेंट और कम सरिए के इस्तेमाल के कारण जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है।”

विद्युत व्यवस्था ठप, जनजीवन प्रभावित

​खंभों के गिरने से पूरे क्षेत्र में घंटों अंधेरा पसरा रहा। बिजली गुल होने से पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हो गए। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण रात भर परेशान रहे। घटना के बाद से ही ग्रामीणों में मुख्य कार्यपालन अभियंता (EE) और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मामले के मुख्य बिंदु:

  • स्थान: सेल से कटगी मुख्य मार्ग।
  • नुकसान: 33kv लाइन के करीब 8 खंभे पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
  • प्रभाव: कई गांवों में घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित।
  • आरोप: निर्माण सामग्री में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार।

अधिकारियों का पक्ष

​विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मामले को ‘प्राकृतिक आपदा’ करार देते हुए पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। अधिकारियों का कहना है कि “तेज हवाओं के दबाव के कारण खंभे टूटे हैं। विभाग की टीम युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।”

जांच की उठ रही मांग

​क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इन खंभों की मजबूती की जांच नहीं हुई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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कसडोल: वन विभाग के बड़े अधिकारियों की ‘आधी रात की पार्टी’ और फिर चोरी का ड्रामा, तांत्रिक के सहारे निर्दोष मजदूरों का उत्पीड़न! https://drsnews.in/word-press/%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf/ Sun, 10 May 2026 05:15:37 +0000 https://drsnews.in/?p=3058

दिले राम सेन।कसडोल बलौदाबाजार जिले के कसडोल वन मंडल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहाँ एक ओर शासन सुशासन की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के आला अधिकारी न केवल सरकारी आवास में नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं, बल्कि अपनी लापरवाही का ठीकरा गरीब दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों पर फोड़ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 जनवरी 2026 की रात सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी के आवास गृह में एक हाई-प्रोफाइल पार्टी का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस पार्टी में कसडोल के उप वन मंडलाधिकारी (SDO) अनिल वर्मा, प्रशिक्षु ACF गुलशन साहू, प्रशिक्षु रेंजर दीपक कुमार कौशिक और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। रात भर नशे की हालत में नाच-गाने और शोर-शराबे के बीच पार्टी चलती रही।

​पार्टी के बाद SDO अनिल वर्मा ने दावा किया कि उनकी सोने की चेन गायब हो गई है। बजाय इसकी शिकायत पुलिस में करने के, अधिकारियों ने वहां मौजूद सुरक्षा श्रमिकों और वाहन चालकों पर चोरी का शक जताया।

तांत्रिक विद्या और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

​शिकायतकर्ताओं—मनोज यादव, सुबे लाल प्रधान, राजेश सेन और अनंत कुमार यादव—का आरोप है कि चोरी का पता लगाने के लिए अधिकारियों ने कानून का सहारा लेने के बजाय ‘तांत्रिक विद्या’ और अंधविश्वास का सहारा लिया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें झूठे आरोपों में फंसाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और दबाव बनाया गया।

बिना जांच के काम से निकाला, परिवार दाने-दाने को मोहताज

​सबसे दुखद पहलू यह है कि बिना किसी कानूनी जांच या ठोस सबूत के, इन चार श्रमिकों को पिछले तीन महीनों से काम से निकाल दिया गया है। पीड़ितों ने बताया:

“हम गरीब लोग हैं। हमने न चोरी की है और न ही हमें कुछ पता है। साहब ने पुलिस को सूचना तक नहीं दी और हमें नौकरी से निकाल दिया। अब हमारे पास परिवार पालने के लिए कोई साधन नहीं बचा है।”

गंभीर सवाल जो खड़े होते हैं:

  1. नियमों की अनदेखी: क्या सरकारी आवास में रात के डेढ़ बजे तक इस तरह की पार्टियों का आयोजन नियमानुसार सही है?
  2. कानून हाथ में क्यों? यदि चोरी हुई थी, तो SDO ने पुलिस में FIR दर्ज क्यों नहीं कराई? तांत्रिक विद्या का सहारा लेना क्या एक राजपत्रित अधिकारी को शोभा देता है?
  3. मानवाधिकार का हनन: तीन महीने से बिना वेतन और बिना काम के इन श्रमिकों का भविष्य अंधकार में है। इसका जिम्मेदार कौन है?

न्याय की गुहार

​पीड़ित श्रमिकों ने अब ‘सुशासन पोर्टल’ और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, उन्हें ससम्मान काम पर वापस रखा जाए और पिछले तीन महीने का बकाया वेतन दिलाया जाए।

​अब देखना यह होगा कि वन विभाग और जिला प्रशासन इन रसूखदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है या फिर गरीब श्रमिकों की आवाज फाइलों में ही दबकर रह जाएगी।

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